भारत के बहुदलीय लोकतंत्र में अटलजी एकमात्र ऐसे राजनेता हैं, जो प्रायः सभी दलों को स्वीकार्य रहे। अपनी इसी विशेषता के कारण वे 16 मई, 1996 से 31 मई, 1996 तथा 1998 - 99 और 13 अक्तूबर, 1990 से मई, 2004 तक तीन बार भारत के प्रधानमंत्री रहे। भारत की संस्कृति, सभ्यता, राजधर्म, राजनीति और विदेश नीति की अटलजी को गहरी समझ है। बदलते राजनीतिक पटल पर गठबंधन सरकार को सफलतापूर्वक बनाने, चलाने और देश को विश्व में एक शक्तिशाली गणतंत्र के रूप में प्रस्तुत कर सकने की करामात इन जैसे करिश्माई नेता के बूते की ही बात थी।