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गुजश्ता जिन्दगी के तजुर्बों ने उसे नेक, आबिद और दीनदार शख्स से बदलकर आज एक मक्कार, चालबाज और फरेबी शख्स में तब्दील कर दिया था| फिर अपने किये उन्हीं गुनाहों से आजीज आकर जब उसने गुनाह के उस कम्बल को छोड़ना चाह, गुनाहों के उस कम्बल ने उसे न छोड़ा| वो जिन्दगी बदलना चाहता था लेकिन जिन्दगी अब उसे बदल रही थी|

एक इमानदार, गुनेहगार शख्स की जिन्दगी का तीसरा अध्याय, उसकी तेज रफ़्तार जिन्दगी का 'टेक थ्री'|

279 pages, Paperback

Published August 1, 2017

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Kanwal Sharma

16 books6 followers

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Profile Image for विकास 'अंजान'.
Author 11 books45 followers
April 27, 2019
4.5/5
टेक थ्री कँवल शर्मा जी का तीसरा उपन्यास है। उपन्यास एक थ्रिलर है और एक थ्रिलर उपन्यास से जो आपकी अपेक्षाएं होती हैं उन पर यह पूरी तरह खरा उतरता है।
उपन्यास मुझे बहुत पसंद आया।
उपन्यास का अंत जरा जल्दबाजी में समेटा गया लगता है लेकिन उससे कथानक के रोमांच में कोई कमी नहीं आती है। उसमें जो राज उजागर होते हैं वो कथानक का स्तर और उठा देते हैं।
अगर आप एक अच्छा थ्रिलर पढ़ना चाहते हैं तो यह उपन्यास आपको निराश नहीं करेगा।
उपन्यास के प्रति मेरी विस्तृत राय आप निम्न लिंक पर जाकर पढ़ सकते हैं:
टेक थ्री
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