शाल्मली नासिरा शर्मा का एक ऐसा विशिष्ट उपन्यास है जिसकी ज़मीन पर नारी का एक अलग और नया ही रूप उभरा है। शाल्मली इसमें परम्परागत नायिका नहीं है, बल्कि वह अपनी मौजूदगी से यह अहसास जगाती है कि परिस्थितियों के साथ व्यक्ति का सरोकार चाहे जितना गहरा हो, पर उसे तोड़ दिये जाने के प्रति मौन स्वीकार नहीं होना चाहिए।
Nasira Sharma is an Indian writer who writes in Hindi. She has published 10 Hindi-language novels. Some of the books are- Parijat, Mere Priya Kahaniyaan, Ajnabi Jajira, Patthar Gali and Aurat Ke Liye Aurat. She won a Sahitya Akademi Award for her novel Paarijat.
🍁'नासिरा शर्मा जी' द्वारा लिखी 'शाल्मली' है। इस किताब की कहानी शाल्मली की है जो बहुत ही समझदार, गंभीर और अपनी हर बातों को अपने तर्क की कसौटी पर परख कर स्विकार करने वाली है। वह सरकारी मंत्रालय में एक अफसर है वह इतने ऊंचे पद पर होने के बाद भी वह उस वर्ग के दिखावे से बहुत दूर होती है उसके लिए उसके माता-पिता ,सास और सभी रिश्तो का बहुत ही महत्व होता है वह इन सभी रिश्तो को बहुत ही सच्चाई के साथ निभाती है इसके विपरीत उसका पति नरेश एक संकिर्ण मानसिकता वाला कुंठित और स्वार्थी आदमी होता है . 🍁नरेश को रिश्ते निभाने में कोई दिलचस्पी नहीं रहती है वह इन सब से दूर रहता है जहां शाल्मली नरेश में अपने पिता के समान एक स्वच्छंद मित्र ढूंढती है वही हर बार उसे नरेश का अलग ही रूप से देखने को मिलता है नरेश शाल्मली जैसी सुशिक्षित लड़की को एक कठपुतली बनाकर रखने की कोशिश करता है जिसका शाल्मली प्रतिकार करती है और मर्दों की बनाएं समाज के हर चुनौतियों का सामना करती हुई वह आगे बढ़ती है इस किताब का अंत कैसे होता है इसे जानने के लिए आपको इसे पढ़ना पड़ेगा। . 🍁 इस किताब के माध्यम से लेखिका ने हमारे समाज में नारी की स्थिति और उसके संघर्षों को बहुत ही मनोवैज्ञानिक तरीके से प्रस्तुत किया है इस किताब को बहुत ही सुंदर तरीके से लिखा गया है इसकी भाषा बहुत ही उत्कृष्ट , सरल और प्रवाहमयी है ।