Jump to ratings and reviews
Rate this book

शाल्मली

Rate this book
शाल्मली नासिरा शर्मा का एक ऐसा विशिष्ट उपन्यास है जिसकी ज़मीन पर नारी का एक अलग और नया ही रूप उभरा है। शाल्मली इसमें परम्परागत नायिका नहीं है, बल्कि वह अपनी मौजूदगी से यह अहसास जगाती है कि परिस्थितियों के साथ व्यक्ति का सरोकार चाहे जितना गहरा हो, पर उसे तोड़ दिये जाने के प्रति मौन स्वीकार नहीं होना चाहिए।

172 pages, Paperback

13 people want to read

About the author

Nasira Sharma

60 books9 followers
Nasira Sharma is an Indian writer who writes in Hindi. She has published 10 Hindi-language novels. Some of the books are- Parijat, Mere Priya Kahaniyaan, Ajnabi Jajira, Patthar Gali and Aurat Ke Liye Aurat. She won a Sahitya Akademi Award for her novel Paarijat.

Ratings & Reviews

What do you think?
Rate this book

Friends & Following

Create a free account to discover what your friends think of this book!

Community Reviews

5 stars
4 (57%)
4 stars
3 (42%)
3 stars
0 (0%)
2 stars
0 (0%)
1 star
0 (0%)
Displaying 1 of 1 review
Profile Image for Puja Singh.
10 reviews
July 13, 2020
🍁'नासिरा शर्मा जी' द्वारा लिखी 'शाल्मली' है। इस किताब की कहानी शाल्मली की है जो बहुत ही समझदार, गंभीर और अपनी हर बातों को अपने तर्क की कसौटी पर परख कर स्विकार करने वाली है। वह सरकारी मंत्रालय में एक अफसर है वह इतने ऊंचे पद पर होने के बाद भी वह उस वर्ग के दिखावे से बहुत दूर होती है उसके लिए उसके माता-पिता ,सास और सभी रिश्तो का बहुत ही महत्व होता है वह इन सभी रिश्तो को बहुत ही सच्चाई के साथ निभाती है इसके विपरीत उसका पति नरेश एक संकिर्ण मानसिकता वाला कुंठित और स्वार्थी आदमी होता है
.
🍁नरेश को रिश्ते निभाने में कोई दिलचस्पी नहीं रहती है वह इन सब से दूर रहता है जहां शाल्मली नरेश में अपने पिता के समान एक स्वच्छंद मित्र ढूंढती है वही हर बार उसे नरेश का अलग ही रूप से देखने को मिलता है नरेश शाल्मली जैसी सुशिक्षित लड़की को एक कठपुतली बनाकर रखने की कोशिश करता है जिसका शाल्मली प्रतिकार करती है और मर्दों की बनाएं समाज के हर चुनौतियों का सामना करती हुई वह आगे बढ़ती है इस किताब का अंत कैसे होता है इसे जानने के लिए आपको इसे पढ़ना पड़ेगा।
.
🍁 इस किताब के माध्यम से लेखिका ने हमारे समाज में नारी की स्थिति और उसके संघर्षों को बहुत ही मनोवैज्ञानिक तरीके से प्रस्तुत किया है इस किताब को बहुत ही सुंदर तरीके से लिखा गया है इसकी भाषा बहुत ही उत्कृष्ट , सरल और प्रवाहमयी है ।
Displaying 1 of 1 review

Can't find what you're looking for?

Get help and learn more about the design.