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उर्दू-हिंदी हास्य व्यंग्य

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हिन्दी व्यंग्यकारों में सुपरिचित रवीन्द्रनाथ त्यागी द्वारा संकलित-संपादित यह कृति उर्दू और हिन्दी के करीब चौबीस चुनिंदा लेखकों की हास्य-व्यंग्य रचनाएँ प्रस्तुत करती है। यह पुस्तक कुछ लोगों की इस धारणा को झुठलाती है कि श्रेष्ठ हास्य-व्यंग्य की परम्परा उर्दू में तो है, हिन्दी में नहीं; अथवा यदि है तो भी स्तरीय नहीं है। वस्तुतः हिन्दी उर्दू-व्यंग्य लेखन पर इस तरह विचार करना गलत है, क्योंकि संपादक के ही शब्दों में कहें तो ‘कम-से-कम अब यह स्थिति जरूर आ गई है, जब लिपि को छोड़कर उर्दू और हिन्दी, दोनों भाषाओं में और कोई अन्तर नहीं रहा।’’ इसलिए यदिउर्दू के पतरस बुखारी से लेकर कृष्ण चंदर तक तथा हिन्दी के अन्नपूर्णानंद से लेकर लतीफ घोंघी तक की व्यंग्य रचनाओं को यहाँ देखा जाएगा तो अपने समय की धड़कनें उनमें समान रूप से सुनी जा सकेंगी। वर्तमान जीवन के विविध क्षेत्रों में निहित जड़ीभूत संस्कारों और विद्रूपताओं पर ये रचनाएँ कसकर प्रहार करती हैं। इस प्रक्रिया में अनेकानेक दुर्लभ व्यंग्य-स्थितियाँ, धारदार भाषा-शैली, शिल्पगत अनूठे प्रयोग तथा यथार्थ को पारदर्शी बनाती हुई वैचारिकता संकलित निबन्धों को सहज ही अविस्मरणीय बना देती है। दूसरे शब्दों में हम हँसी-हँसी में ही सोच के गम्भीर बिन्दुओं का स्पर्श करने लगते हैं।

128 pages, Paperback

Published January 1, 2008

4 people want to read

About the author

Ravindranath Tyagi

23 books4 followers
यशस्वी व्यंग्यकार और समर्थ कवि रवीन्द्रनाथ त्यागी का जन्म एक सितम्बर उन्नीस सौ इकत्तीस को उ.प्र. के बिजनौर जिले में स्थित नहटौर नाम कश्स्बे में हुआ। भयंकर गरीबी के कारण बचपन में उन्होंने मात्र संस्कृत ही पढ़ी और बाद में किसी तरह इलाहाबाद युनिवर्सिटी से एम.ए. की परीक्षा में सर्वप्रथम स्थान पाया। उसके बाद वे देश की सर्वोच्च सिविल सर्विसेजश् की प्रतियोगिता में बैठे और इंडियन डिफेंस एकाउंट्स सर्विस के लिए चुने गए। सन् उन्नीस सौ नवासी में वे कंट्रोलर ऑफ डिफेंस एकाउंट्स के पद से सेवा-निवृत्त हुए।

लिखने का शौक उन्हें बचपन से था। अब तक छह कविता-संग्रह, उन्नीस व्यंग्य-संग्रह और विशिष्ट रचनाओं के चार संकलन प्रकाशित। ‘उर्दू-हिन्दी हास्य-व्यंग्य’ नामक महत्वपूर्ण ग्रंथ का संपादन।

डॉ. कमलकिशोर गोयनका द्वारा संपादित ‘रवीन्द्रनाथ त्यागी: प्रतिनिधि रचनाएं’ नामक विशद ग्रंथ अलग से प्रकाशित।

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Displaying 1 - 3 of 3 reviews
Profile Image for Amit Tiwary.
50 reviews12 followers
October 30, 2018
एक बेहतरीन संग्रह, जिनमे से ज्यादातर का अब कहीं भी मिलना मुश्किल है.
उर्दू के व्यंग्य पढ़ना हमेशा एक बेहतरीन अनुभव रहता है पर इसका देवनागरी में होना बहुत दुर्लभ है.
इस विधा के पाठकों के लिए एक बहुत ही अच्छी किताब.
काश देवनागरी में उर्दू के और भी व्यंग्य संकलन छपते.
Profile Image for Rajan.
637 reviews43 followers
January 30, 2021
Rabindranath Tyagi is not as good as Parsai or Sharad Joshi. Still he manages to pack a punch.
Profile Image for Mahender Singh.
429 reviews6 followers
September 22, 2025
हिन्दी उर्दू व्यंग्य लेखों का अच्छा संग्रह ।
पढ़ने लायक।
Displaying 1 - 3 of 3 reviews

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