छत्रपति शिवाजी भारतवर्ष की आत्मा में बसते हैं। वे विगत साढ़े तीन सै शताब्दियों से राष्ट्र के महानायक हैं। सपनों और कल्पनाओं की रेशमी संरचनाओं से परे, वे गौरवमयी भारतीय इतिहास के कठोर निर्माता हैं। उनके जैसे योद्धा और विजेता, उनके जैसे साम्राज्य निर्माता और प्रजा-वत्सल, उनके जैसे धर्मशील और उदार राजा सम्पूर्ण धरती के इतिहास में बहुत कम देखने के मिलते हैं। निःसंदेह वे चक्रवर्ती सम्राट नहीं थे, न वे मौर्य एवं गुप्त राजाओं के समान सम्पूर्ण भारत पर शासन करते थे किंतु उनका योगदान भारत के समस्त महान राजाओं से कदापि कम नहीं है। उन्होंने शाहजहाँ और औरंगजेब जैसे महाशक्तिशाली मुगल शासकों के काल में दक्षिण-पश्चिम भारत में स्वतंत्र हिन्दू राज्य की स्थापना करके हिन्दू जाति के गौरव को फि&#