‘ख़्वाहिशें’ सिर्फ़ एक कहानी नही, यह तो एक... सफ़र है – ज़िंदगी का सफ़र। जहां सपने जन्म लेते हैं, कुछ पूरे होते हैं तो कुछ अधूरे रह जाते हैं। जहां रिश्ते बनते हैं, कुछ अंजाम तक पहुचंते हैं तो कुछ बीच मझधार दम तोड़ देते हैं। लेकिन ज़िंदगी चलती रहती है.... इन्हीं सपनों और रिश्तों के बीच... बहते पानी जैसी। आई.आई.टी. में पढ़ना रचित का सपना है। लेकिन यह सपना टूट जाता है जब बीमारी की वजह से उसे आई.आई.टी. छोड़ना पड़ता है। इसके बाद वह सीए करने का फैसला करता है। पर इस फैसले को अंजाम तक पहुंचाने में वो फेल होता है, बार-बार फेल...। इस बीच रचित से मिलती है राधिका, जिसे वह दिलो-जान से प्यार करता है... राधिका रचित का सहारा बनती है, हर मुश्किल, हर दुख में उसका साथ देती है। फिर ऐसा क्या हुआ कि रचित को खुदकुशी जैसा संगीन कदम उठ&#