पति के मौत के बाद दामिनी को पिछले दस साल किसी मर्द ने स्पर्श नही किया, हवेली में रहनेवाली हर नज़रे दामिनी की जवान शरीर को घूरती, हर हाथ दामिनी के बदन को मसलना चाहते,हर होंठ दामिनी के कौमार्य को पीना चाहते, हवेली में रहनेवाला हर मर्द दामिनी को अपने शरीर से रौंदना चाहता पर हवेली की बहु को छुने की हिम्मत किसी में ना थी। शायद दामिनी भी शरीर सुख पाना चाहती थी, वे भी किसी मर्द के निचे रौंदा जाना चाहती थी शायद दामिनी भी चाहती थी की कोई उसके कौमार्य को अपने होंठो से लगाये, अपने बदन को मसला जाना शायद उसे भी पसंद आता और क्यों न आता पिछले दस सालो से वो शरीर सुख के लिए तरस गयी है, शादी के महज कुछ महीनों बाद ही तो उसका पति उसे छोड़ गया था। वो बिचारी तो उसे ठीक से देख भी न सकी थी और भगवान ने उसका वो सुख छिन लिया जो उसे ê
This book is a copy-paste of a book from very good author. It's original name was just "Haweli." this author changed the name of the book and name of characters and then published it. shameful act it is. the author should remove this book from all platforms urgently. It's a warning.