वो मस्तमौला, अक्खड़, सजीला नौजवान अपनी प्रेमिका के पीछे शहर तक आया और शहर की रंगीनियों में खो गया, उसका कुसूर सिर्फ इतना था की वो खूबसूरत और मर्दानगी से भरपूर था शहर में उसकी मददगार बनी उसकी लव गुरु और वो भोला भला नौजवान, छल कपट, स्वार्थ और धोखे के ऐसे जाल में फंसा जन्हा से निकलते निकलते वो एक चालक लीडर बन गया, रोमांच रोमांस और एक्शन से भरपूर एक युवा नावेल