प्रस्तुत अध्याय में मराठों का उदय, 1773 ईस्वी का रेग्यूलेटिंग एक्ट, अंग्रेजों की मराठा नीति, आंग्ल-मराठा सम्बन्ध, सूरत की सन्धि, प्रथम आंग्ल-मराठा संघर्ष, पुरन्दर की संधि, बड़गांव की संधि, सालबाई की सन्धि, 1784 ई. का पिट्स इण्डिया एक्ट, अहस्तक्षेप की नीति, लॉर्ड वेलेजली द्वारा अहस्तक्षेप की नीति का त्याग, मराठों में परस्पर संघर्ष, बसीन की संधि, द्वितीय आँग्ल-मराठ युद्ध, देवगढ़ की संधि, सुर्जीअर्जन की संधि, होल्कर से युद्ध, लॉर्ड कार्नवालिस से लॉर्ड मिण्टो तक, लॉर्ड हेस्टिंग्स व तृतीय मराठा युद्ध, पूना की संधि, पेशवा की किर्की पराजय, अप्पा साहब भौंसले की पराजय, होल्कर की पराजय, पेशवा के पद की समाप्ति, तृतीय मराठा युद्ध का महत्त्व, मराठों के पतन तक का इतिहास दिया गया है।