सोनू एक आठ साल का लड़का था। इकलौता होने के कारण वह थोड़ा शरारती और जिद्दी हो गया था। जानवरों को मारने में उसे बड़ा मजा आता था। एक दिन सोनू अपने घर के आगे खेल रहा था। तभी एक आवारा कुत्ता वहां आकर बैठ गया। सोनू ने एक पत्थर उठाकर उसे जोर से मारा, कुत्ता जोर से चिल्लाता हुआ वहां से भागा, सोनू को बड़ा मजा आया। इसी तरह एक दिन उसके घर में एक बिल्ली बैठी थी, सोनू ने अपना जूता बिल्ली को फेंक कर मारा, बिल्ली दर्द से कराह कर भागी तो उसे बड़ा मजा आया। ऐसा करते एक दिन उसकी दीदी जो उससे चार साल बड़ी और काफी समझदार थी, उसने देखा तो बड़ी डाँट लगाई पर सोनू पर कोई असर ही नहीं हुआ। बस वह अपनी दीदी के सामने किसी को न मारता। एक दिन वह एक पुरानी इमारत के बरामदे में खेल रहा था, तभी उस इमारत से एक पत्थर सोनू के ऊपर गिरा और सोनू के