Akbar birbal ke chutkule. एक बार अकबर बीरबल दावत का आनंद ले रहे थे। बैंगन की सब्जी खाकर अकबर ने कहा कि ये तो स्वादिष्ट सब्जी है। बीरबल ने भी बैंगन की बहुत बडाई की। कुछ दिनों बाद फिर से दावत थी। अकबर ने बैंगन की सब्जी सामने आते ही उसकी बुराई की तो बीरबल भी बैंगन की बुराई करने लगे। अकबर ने नाक भौं सिकोडी। "बीरबल तुम चापलूसों की तरह बोल रहे हो" "महाराज! मैं आपका नौकर हूँ, बैंगन का नहीं।