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Dulhan

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दोनों बेडरुम में आ गये, नैना बहुत थकी हुई थी लेकिन जया की कसक अभी तो बहुत सारी बाकी थी मग़र वो करती भी तो क्या नैना का शरीर साथ दे ही नहीं रहा था, तो वो भी अपनी ताकत कितनी ज्यादा लगाती, फिर भी आज के एक राउण्ड के बारे में तो वो सोच के बैठी ही थी। उधर उसकी लड़ाई जो अंदर की आत्मा से चल रही थी उसमें शरीर की मुख्य आत्मा ने उसे नकार दिया था पर मुख्य आत्मा की ताकत तो शरीर से ही हो रही थी और शरीर को तो जया थका रही थी। उसने तो नैना के साथ खेल खेलना शुरु कर दिया था। जया फ्रेश हो कर अपने आप को आइने में रात के लिए संवार रही थी, वैभव भी बाथरुम से निकला और जया के पीछे आया, और उसके गले में हाथ डाला, फिर बालों की खुश्बू लेने के लिए वैभव ने आँखों को बंद कर नैना की गर्दन से कान के पीछे खुश्बू लेते हुए मदहोश होने लगा, जाने क्या ह&

41 pages, Kindle Edition

Published June 11, 2018

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Rinkesh Bairagi

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