'जंगल का रहस्य' के विषय में सबसे पहली बात तो बतानी जरूरी है कि यह कहानी का पहला भाग है। कहानी शुरू तो जंगल के रहस्य से होती है लेकिन इसका समापन अगले उपन्यास 'रहस्य खुल गया' में होता है। ऐसा उपन्यास के आखिरी पृष्ठ में लिखा था। परन्तु जब मैंने रहस्य खुल गया उठाया तो पाया कि उसकी कहानी किसी दूसरे उपन्यास का दूसरा भाग है। अब इस भाग है आखिरी हिस्सा क्या है यह मुझे नहीं मालूम।
यह उपन्यास कई सवालों को पाठक के सामने रखकर खत्म होता है। अब दूसरा भाग पढ़ने की इच्छा मेरे मन में उठ रही है। वो जल्द ही पढूँगा। इस भाग के लिए तो यही कहूँगा कि यह लघु उपन्यास पठनीय और रोमांचक है। कॉमेडी के लिए इकबाल के साथ साथ नफीस भी है और दोनों का होना हँसी ला देता है। दोनों के सीन जबर्दस्त हैं। बस शोभा उपन्यास में बहुत कम आती है। उम्मीद है अगले में ज्यादा दिखेगी। उपन्यास ने मेरा मनोरंजन किया और मुझे उम्मीद है आपका भी करेगा। मेरी विस्तृत राय आप निम्न लिंक पार जाकर प्राप्त कर सकते हैं: जंगल का रहस्य