Jump to ratings and reviews
Rate this book

मनु शर्मा की 5 सुपरहिट कहानियाँ

Rate this book
मनु शर्मा की कहानियाँ हमारे दौर के समाज का आईना हैं। हमारे रोजमर्रा के जीवन का प्रतिबिंब हैं। इनमें कुछ भी बनावटी नहीं है। न जबरन किसी ‘वाद’ की तरफदारी, न बेवजह की झंडाबरदारी। मनु शर्मा की रुचि मनुष्य में रही है। किसी ‘वाद’ में नहीं। ‘वाद’ या ‘इज्म’ मनुष्य से बड़े नहीं होते। कबीर या रसखान का कौन सा वाद था? लोकहित के पाले में खड़ा हो लोकचेतना को व्यक्त करना ही इस रचनाकार का धर्म है। उनकी कहानियों में जीवन की समस्याएँ हैं। बदलता परिवेश है। आधुनिकता की दौड़ में घुटती मान्यताएँ हैं। ‘जो जहाँ है जैसा है’ की शक्ल में। लेकिन सबकुछ सहज भाषा में।
मनु शर्मा के लेखन की सबसे बड़ी विशेषता जीवन और समाज पर उनकी पैनी दृष्टि है। यह दृष्टि जहाँ पड़ती है, चरित्र, परिस्थितियों और माहौल का एक हूबहू एक्&

104 pages, Kindle Edition

Published June 14, 2018

8 people are currently reading
5 people want to read

About the author

Manu Sharma

74 books29 followers

Ratings & Reviews

What do you think?
Rate this book

Friends & Following

Create a free account to discover what your friends think of this book!

Community Reviews

5 stars
6 (24%)
4 stars
9 (36%)
3 stars
7 (28%)
2 stars
3 (12%)
1 star
0 (0%)
No one has reviewed this book yet.

Can't find what you're looking for?

Get help and learn more about the design.