एक अंधा जो आँख वालो से बेहतर देख सकता था। दो कत्ल। एक रेड क्वीन जिसकी सबको तलाश थी। और राजन-इकबाल जो इन सबके बातों की तह तक जाना चाहते थे। आखिर क्या माजरा था?
आज एस सी बेदी जी का उपन्यास अंधे की आँखें पढ़ा। उपन्यास मनोरंजक है और अगर राजन-इकबाल आपको पसंद है तो आपको यह पढ़ना चाहिए। उपन्यास मेरे लिए एक रोमांचकारी सफर था जिसने मेरा पूरा मनोरंजन किया। यह एक बाल उपन्यास है तो उसी तरह से मैंने इसे पढ़ा।उम्मीद है आपको भी पसंद आएगा। उपन्यास के विषय में मेरी पूरी राय निम्न लिंक पर जाकर पढ़ सकते हैं: अंधे की आँखें