भारत सरकार की सर्वोच्च प्रशासनिक सेवा में अधिकारी रहे रवीन्द्रनाथ त्यागी उन बिसराए हुए व्यंग्यकारों में से हैं जिन्होंने आज़ादी के पहले का भी दौर देखा है और उस समय के भारतीय समाज, प्रशासन, परम्परा और अन्य सभी क्षेत्रों पर ख़ूब व्यंग्य लिखे हैं.. उनके व्यंग्यों की सबसे ख़ास बात ये रही की खांटी निबंधात्मक न हो कर मनोरंजक भी रहे हैं जोकि उनके लिखे हुए हो सभी आयु वर्ग के लिए रुचिकर बनाता है.. उदाहरणों और उपमाओं से लदे हुए उनके व्यंग्यों का ये संकलन सटायर जानने, पढ़ने-लिखने वालों के लिए बेहद कीमती है..