स्सा या अध्यात्मिक हि स्सा भी कहा जा सकता है! आका श का स्वरूप ध्यान से देखा जाए तो उल्टी कटोरी कीतरह है आधी गोलाई लिए हुये और यही आधी गोलाई इन्सा नी खोपड़ी भी है और यही गोलाई बुध की है! इस गोलाईऔर ज़मीन के मध्य में जो खुलाव है वो बुध का दायरा है! इस गोलाई में हवा हमेशा मोजूद रहा करती है! जबबच्चा पैदा होता है तो उसकी मुट्ठी हमेशा बन्द हुआ करती है जि सको आगे ज़मीन पर रख दिया जाए तो हू- ब- हूआका श की शक्ल हुआ करती है और बच्चे की पैदाइश के समय इस मुट्ठी में हवा हुआ करती है जोकि बृहस्पतिहै और साथ लाये हुये खजाने का सम्बं ध हुआ करता है! बृहस्पति