अपनी इकलौती बेटी की दुर्घटनावश हुई मौत ने देवसरे को ऐसा झकझोरा कि उसने दो बार अपनी जान खुद लेने की कोशिश की । उसके हितचिंतकों - जिनमें कि उसकी सोलीसिटर फार्म का पार्टनर मुकेश माथुर भी एक था - की भरपूर कोशिश थी कि वैसी नौबत फिर न आने पाये । लेकिन नौबत आयी । देवसरे का काम किसी और ने कर दिया ! क्या उसके वारिस ने !
Surender Mohan Pathak, is an author of Hindi-language crime fiction with 314 books to his credit. His major characters are Crime reporter Sunil (unprecedented 123 Titles), Vimal (46 Titles) and Philosopher Detective Sudhir (23 titles). Apart from series, he has written 60+ Novels in thriller category.
अपनी बेटी के एक्सीडेंट के बाद देवसरे 2-2 बार सुसाइड करने की कोशिश करता है और खुद उसका ही मर्डर हो जाता है. मुकेश अपने बाप की जगह नौकरी लगता है और उसको देवसरे के गार्ड की तरह भेजा जाता है.
ये कहानी धीरे-धीरे एक मर्डर मिस्टरी में convert हो गई. मुझे ये किताब इंडियन टच नहीं दे पायी, ऐसा लगा की कहीं और से ही इंस्पायर्ड कहानी है.
पाठक साहब द्वारा लिखी गयी थ्रिलर सीरीज में मुकेश माथुर की दूसरी और थ्रिलर सीरीज में 46वि रचना है वारिस. ये सन २००२ में मनोज पोच्केट बुक्स द्वारा प्रकाशित की गयी थी.
कहानी कुछ यूँ हैं की देवसरे अपनी नौजवान बेटी के एक्सीडेंट में हुई मौत के बाद मानसिक रोगी बन बैठा था और अपनी बेटी जिसने उसकी मर्ज़ी के बगैर शादी की थी के पीछे पीछे इस दुनिया से रुखसत कर जाना चाहता था . दो असफल प्रयासों के बाद देवसरे जो एक धनी व्यक्ति था के दोस्त नकुल बिहारी आनंद ने मुकेश माथुर को हमेशा उनके साथ रहने की असाइनमेंट पर लगा दिया . देवसरे का दामाद पाटिल एक रोज़ उसी रिसोर्ट पर आ धमका जहाँ देवसरे मुकेश माथुर के साथ अपने दिन गुज़ार रहा था और अपनी नार्मल जिंदगी में वापस आने की कोशिश कर रहा था. देवसरे अपने दामाद के विरसे में की गयी मांग के चलते फिर आत्महत्या की कोशिश करता उसके पहले ही उसका क़त्ल हो गया जिसका एक सस्पेक्ट खुद मुकेश माथुर था . क्या मुकेश अपने को बेकसूर साबित कर पाया क्या वो असली कातिल को खोज पाया, क्या पाटिल ही असली कातिल था या कोई और और देवसरे की विपुल धनसंपदा का वारिस कौन था. इन सबके जवाब वारिस में छुपे हैं. जो मुझे यकीन है की आप लोग पढ़ चुके होंगे, यदि नहीं तो इतनी रोचक मर्डर मिस्ट्री आप पढ़े बिना नहीं रह सकते. जिसमे मुकेश माथुर और नकुल बिहारी आनंद की क्रॉस टॉक का तड़का भी लगा हो.