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Hind Yugm Kulhad Bhar Ishq: Kashishq
दवा और प्रसाद उतना ही लेना चाहिए जितना देने वाले देते हैं, अधिक लेने के लिए जबर्दस्ती नहीं की जाती। इश्क की खुराक इतना आतुर करती है कि लोग खुद पर नियंत्रण नहीं रख पाते और अपनी तबीयत की औकात से ज्यादा ले लेते हैं फिर पढ़ाई पर गाज गिर जाती है। कुल्हड़ भर इश्क : काशीश्क, प्यार की शीशी पर मार्कर से गोला करके खुराक बताने वाला है जिससे ये पता चलता रहे कि कितना इश्क जीना है और कितनी पढ़ाई करनी है।कुल्हड़-सा सौंधापन है काशी के इश्क में, कुल्हड़ भर कहने से आशय इश्क को संकुचित करने से नहीं बल्कि नियमित और संतुलित मात्रा में सेवन से है।
136 pages, Paperback
Published August 17, 2018
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Community Reviews
Displaying 1 - 30 of 33 reviews
January 9, 2021
कुल्ड़ह भर इश्क : काशिश्क
कोशलेन्द्र मिश्र
कोशलेन्द्र मिश्र का यह पहला लघु उपन्यास है जो काशी की मिठास भरी कहानी है,। कॉलेज की मस्ती ,दोस्ती प्यार, आदि का सुंदर मिश्रण है जिसमें रोली व सुबोध का प्यार, ज्योति प्रकाश ,अष्टावक्र व सुबोध की दोस्ती के किस्सो का मजेदार मिश्रण है बनारसी भाषा के लहजे में कहानी बहुत ही सुंदर और आकर्षित लगती है।
कहानी के हर पन्ने को पढ़ते हुए नए पन्ने की कहानी का इंतजार रहता है।
लेखक ने कहानी में काशी के सुंदर स्थान भी इंगित हैं ।
कहानी में रोली का साहसी और निडर पात्र ने मुझे बहुत प्रभावित किया।
कोशलेन्द्र मिश्र
कोशलेन्द्र मिश्र का यह पहला लघु उपन्यास है जो काशी की मिठास भरी कहानी है,। कॉलेज की मस्ती ,दोस्ती प्यार, आदि का सुंदर मिश्रण है जिसमें रोली व सुबोध का प्यार, ज्योति प्रकाश ,अष्टावक्र व सुबोध की दोस्ती के किस्सो का मजेदार मिश्रण है बनारसी भाषा के लहजे में कहानी बहुत ही सुंदर और आकर्षित लगती है।
कहानी के हर पन्ने को पढ़ते हुए नए पन्ने की कहानी का इंतजार रहता है।
लेखक ने कहानी में काशी के सुंदर स्थान भी इंगित हैं ।
कहानी में रोली का साहसी और निडर पात्र ने मुझे बहुत प्रभावित किया।
April 5, 2021
Very well written...😊
January 31, 2021
ये बस एक किताब ही नहीं है इसमें पूरे काशी की एक झलक है। अगर आपका कोई भी रिश्ता काशी शहर से है तो ये किताब आपको जरूर पसंद आएगी। और काशी वालों के लिए लेखक की भाषा ऐसी है कि आपको लगेगा आप कुल्हड़ में चाय लिए किसी अपने दोस्त से बात कर रहे हैं। एक बात तो पक्की है आप किताब पढ़ने के बाद कौशलेंद्र सर की और किताबों के नाम जरूर गूगल करेंगे।
January 31, 2021
The way of writing is coherent and amusing. Book not only imparted us spendid story but also demonstrated scenary of Kashi, Characters of this novel has been connected very systematically which not only shows the inner meaning of the novel but also connect it with contemporary world. The language of this story is not abstruse to depict it. Story of it flows on throughout the book .
January 31, 2021
क़िताब में विश्वविद्यालय जीवन तो रेखांकित होता ही है , साथ ही बनारस का अल्हड़पन पाठक को रचना की अंतिम डोर तक बांधे रखता है ।
नाम भी रचना का उसी सोंधी ख़ुशबू को बयां करता है जिसे लेखक ने पाठकों के मध्य उकेरा है ।
नाम भी रचना का उसी सोंधी ख़ुशबू को बयां करता है जिसे लेखक ने पाठकों के मध्य उकेरा है ।
This entire review has been hidden because of spoilers.
January 31, 2021
Excellent novel for new starters. One cannot keep the book aside till he or she finishes. Simple wordings to understand.
January 31, 2021
नॉवेल पढनें में जरा भी रुझान हो तो एक बार जरूर पढ़ें...और रुझान न हो,तो भी अवश्य पढ़ें....😊👌👌👌
January 31, 2021
मैने सौ से ज्यादा प्रेम कहानियों को पढ़ा होगा लेकिन कुल्हड़ भर इश्क काशीश्क में जिस प्रकार लेखक ने लिखा है वह एकदम वास्तविक और दिल को छू जाता है और उसके साथ शुरू से अन्त तक जुड़े रहते हैं
April 25, 2022
Kamedy से भरपूर जानदार कहानी जो कुछ लुप्त बहुमूल्य लड़कियों के बिरादरी के एक की प्रेम दास्तान है।
May 15, 2026
Entertaining. Go for it.
February 1, 2021
लाजवाब भाई।
जैसा नाम वैसा ही काम भी है।मतलब एक छोटा सा कुल्हड़ कौन कौन सी यादें नही समेट सकता है अंदर।
इस पुस्तक में सब कुछ है।
धन्यवाद कौशलेन्द्र जी।
जैसा नाम वैसा ही काम भी है।मतलब एक छोटा सा कुल्हड़ कौन कौन सी यादें नही समेट सकता है अंदर।
इस पुस्तक में सब कुछ है।
धन्यवाद कौशलेन्द्र जी।
January 16, 2025
ठीक ठाक शब्दों का इश्क
हिसाब से लिखे गए शब्दों का उफान मारता इश्क है, जो खुशनुमा वातावरण का अहसास करवाता हैI कोई ऐसा मोड़ नहीं जहाँ जीवन ऐसा लगे की प्रेम छूट रहा और प्रेमी युगल आंसुओं की धारा में बहे जा रहे हैं। नमिला जुलाकर ठीक-ठाक इश्क की शृंखला में कुल्हड़ भर इश्क घुल जाता है।
हिसाब से लिखे गए शब्दों का उफान मारता इश्क है, जो खुशनुमा वातावरण का अहसास करवाता हैI कोई ऐसा मोड़ नहीं जहाँ जीवन ऐसा लगे की प्रेम छूट रहा और प्रेमी युगल आंसुओं की धारा में बहे जा रहे हैं। नमिला जुलाकर ठीक-ठाक इश्क की शृंखला में कुल्हड़ भर इश्क घुल जाता है।
January 31, 2021
उम्दा सृजन।पढ़ने योग्य 👌👌👌
June 11, 2020
बेहतरीन कृति !पढ़ाई और प्यार के सामंजस्य को दर्शाने का प्रयास
बहुत ही बेहतरीन रचना है इश्क और पढ़ाई के बीच सामंजस्य बिठाने का प्रयास कैसे एक युवा प्रेमी युगल करता है इसे जानना है तो कौशलेंद्र मिश्र का लिखित कुल्हड़ भर इश्क आपके लिए ही है।
बहुत ही बेहतरीन रचना है इश्क और पढ़ाई के बीच सामंजस्य बिठाने का प्रयास कैसे एक युवा प्रेमी युगल करता है इसे जानना है तो कौशलेंद्र मिश्र का लिखित कुल्हड़ भर इश्क आपके लिए ही है।
May 24, 2020
Hh
This entire review has been hidden because of spoilers.
July 11, 2023
साधारण, छोटी, बासी और उबाऊ।
लेखनी बड़ी ही साधारण है। नाम काशी पर आधारित होते हुए भी काशी कहानी में कुछ खास अहमियत नहीं रखता। इस कहानी की अच्छी बात यही है कि इस कहानी के पात्र, खास नायिका एक अलग और मजबूत किरदार है, परन्तु बाकि किरदार बड़े ही घिसे पिटे हैं, और उनकी भाषा भी बड़ी अभद्र है। उनका मजाक मामूली और बासी है।
अगर आप प्रेम कहानियाँ पढ़ना बहुत ही पसंद करते हैं, तो यह कहानी जरूर ही पढ़िए।
लेखनी बड़ी ही साधारण है। नाम काशी पर आधारित होते हुए भी काशी कहानी में कुछ खास अहमियत नहीं रखता। इस कहानी की अच्छी बात यही है कि इस कहानी के पात्र, खास नायिका एक अलग और मजबूत किरदार है, परन्तु बाकि किरदार बड़े ही घिसे पिटे हैं, और उनकी भाषा भी बड़ी अभद्र है। उनका मजाक मामूली और बासी है।
अगर आप प्रेम कहानियाँ पढ़ना बहुत ही पसंद करते हैं, तो यह कहानी जरूर ही पढ़िए।
June 30, 2026
I have read this novel few days back..... Very nice and underrated novel. You will enjoy all the characters ,the bonding between the friends, college life, friendhip relationship love the raw language which is used is a centre of attraction in this novel. The female character is herself very entertaining. Overall a nice novel.
July 4, 2026
Book is good to start reading hindi literature. I really enjoyed reading this book. Reading philosophy and literature sometimes is boring. So these kinda books help a lot. Especially the character of Roli is amazing.
November 17, 2019
3.25-3.5
April 29, 2020
बहुत अच्छा किताब है
May 28, 2020
Good One time Read.
July 29, 2020
Very bad site i can't read this book here😤
This entire review has been hidden because of spoilers.
October 3, 2020
Hjg
This entire review has been hidden because of spoilers.
January 1, 2021
Just a shallow n immature attempt to ride on the success of other great books available in the market on BHU n Banaras.
July 24, 2022
खूबसूरत
बांधे रखने वाला एक बहुत प्यारा और जिन्दगी से मेल खाता उपन्यास मजा आ गया
रोली की जिंदादिली और मेंढक का प्यार
बांधे रखने वाला एक बहुत प्यारा और जिन्दगी से मेल खाता उपन्यास मजा आ गया
रोली की जिंदादिली और मेंढक का प्यार
August 16, 2022
बनारस से जुड़ाव रखने वाले व्यक्ति को यह उपन्यास जरूर पढ़ना चाहिए,कहानी को बयां करने का तरीका बेहद "सजीव"और आकर्षक था।
लेखक (कौशलेंद्र मिश्रा) को आभार एवम अभिनंदन🙏🙏💐💐
लेखक (कौशलेंद्र मिश्रा) को आभार एवम अभिनंदन🙏🙏💐💐
November 9, 2022
अद्भुत, शानदार
राग दरबारी के बाद हिंदी में यह उपन्यास उसके बराबरी का है। लिखने की शैली और प्रवाह एकदम बहती गंगा जैसा है।
राग दरबारी के बाद हिंदी में यह उपन्यास उसके बराबरी का है। लिखने की शैली और प्रवाह एकदम बहती गंगा जैसा है।
February 23, 2023
Beautiful book. Subtracted a star ONLY for some misogynistic examples used by the young author.
March 4, 2023
Very wonderfully written
Selection of banaras words are very apt. Simple story line with happy ending. Loved the structure of the storyline.
Selection of banaras words are very apt. Simple story line with happy ending. Loved the structure of the storyline.
October 5, 2023
What a book .amazing book
Displaying 1 - 30 of 33 reviews















