बहुत संभव है कि शीर्षक देखकर आपको अजीब लग रहा होगा संभवतः गुस्सा भी आ रहा होगा कि यह क्या बकवास है । बिल्कुल ! भारतीय परम्परा में विवाह को बहुत ही पवित्र माना गया है और ऐसे में इसे एक सामाजिक बुराई कहना बिल्कुल गलत होगा । इसीलिए मैंने इसमें एक प्रश्नवाचक चिन्ह लगाया है । वैसे तो पिछले कई वर्षों से इस विषय पर लिखने की सोच रहा था परन्तु सच कहूँ तो किस प्रकार से इस मुद्दे को लिखा जाए यह समझ नहीं आ रहा था । दरअसल हम भारतीय समय के साथ कुछ ज्यादा ही भावुक होते चले गए हैं और विश्लेषण करने की हमारी क्षमता घटती चलाई गई है खासतौर पर जब मुद्दा सामाजिक हो । नहीं ! इंजीनियरिंग या बाकी क्षेत्रों में हमारा विश्लेषण बहुत अच्छा है लेकिन जब मुद्दा सामाजिक, धार्मिक अथवा पारिवारिक होता है तो पता नहीं हम लोग&#