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विषकन्या

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मैं रवीन्द्रनाथ त्यागी को एक श्रेष्ठ कवि व्यंग्यकार स्वीकार करता हूँ उनकी विशिष्टता का कारण यह है कि हमारे जो पुराने क्लासिक्स हैं, उनमें उनकी गति है। वे सचमुत बहुत अच्छा लिखते है। ऐसा प्रवाहमय विटसम्पन्न गद्य मुझसे लिखते नहीं बनता।
हरिशंकर परसाई

120 pages, Hardcover

Published January 1, 2000

2 people want to read

About the author

Ravindranath Tyagi

23 books4 followers
यशस्वी व्यंग्यकार और समर्थ कवि रवीन्द्रनाथ त्यागी का जन्म एक सितम्बर उन्नीस सौ इकत्तीस को उ.प्र. के बिजनौर जिले में स्थित नहटौर नाम कश्स्बे में हुआ। भयंकर गरीबी के कारण बचपन में उन्होंने मात्र संस्कृत ही पढ़ी और बाद में किसी तरह इलाहाबाद युनिवर्सिटी से एम.ए. की परीक्षा में सर्वप्रथम स्थान पाया। उसके बाद वे देश की सर्वोच्च सिविल सर्विसेजश् की प्रतियोगिता में बैठे और इंडियन डिफेंस एकाउंट्स सर्विस के लिए चुने गए। सन् उन्नीस सौ नवासी में वे कंट्रोलर ऑफ डिफेंस एकाउंट्स के पद से सेवा-निवृत्त हुए।

लिखने का शौक उन्हें बचपन से था। अब तक छह कविता-संग्रह, उन्नीस व्यंग्य-संग्रह और विशिष्ट रचनाओं के चार संकलन प्रकाशित। ‘उर्दू-हिन्दी हास्य-व्यंग्य’ नामक महत्वपूर्ण ग्रंथ का संपादन।

डॉ. कमलकिशोर गोयनका द्वारा संपादित ‘रवीन्द्रनाथ त्यागी: प्रतिनिधि रचनाएं’ नामक विशद ग्रंथ अलग से प्रकाशित।

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