यह कविताएँ कभी आप के कंधे पकड़ कर आप को झकझोरेंगी, कभी एक सम्वेदनशील मित्र बन कर आप के साथ दिन भर टहलेंगी, कभी शहर के सिरे को हल्के से उठाएँगी, कभी एक बादल बन कर आप के घर के ऊपर मँडराएँगी, और कभी एक रोशनी की किरण बन जाएँगी जो दूर एक सितारे से चल कर आप से एक प्रश्न पूछना चाहती है।