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Aaj ke Prasidh Shayar - Krishna Bihari 'Noor'

भारत के उर्दू शायरों में कृष्ण बिहारी 'नूर' एक मशहूर नाम है। एक तरफ उनकी शायरी जहाँ सूफियाना अन्दाज़ में मस्त कलन्दरों की तरह अपना दाख़िला दर्ज कराती है, वहाँ दूसरी तरफ हिन्दू दर्शन और अध्यात्म की खुशबुएँ बिखेरती है। उनके कलाम को गुलाम अली, असलम खाँ, पीनाज़ मसानी, भूपेन्द्र और रवीन्द्र जैन जैसे चोटी के गायकों ने स्वर प्रदान किये हैं।

160 pages, Kindle Edition

Published January 1, 2013

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Krishna Bihari Noor

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1 star
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Displaying 1 - 3 of 3 reviews
Profile Image for Indra  Vijay Singh.
156 reviews6 followers
April 25, 2024
#44 आज के प्रसिद्ध शायर कृष्ण बिहारी ‘नूर’

कृष्ण बिहारी नूर की गजलें, शायरी बहुत पसंद आई। अध्यात्म के उच्च श्रेणी से लेकर जीवन के गहन मतलब बताने वाली शायरी पढ़ कर इनका फैन हो गया। अद्भुत संग्रह है।

आग है पानी है मिट्टी है हवा है मुझमें
और फिर मानना पड़ता है ख़ुदा है मुझमें

मैं एक क़तरा हूँ मेरा अलग वजूद तो है
हुआ करे जो समन्दर मेरी तलाश में है।

जहाँ मैं क़ैद से छूटूँ कहीं पे मिल जाना,
अभी न मिलना, अभी ज़िन्दगी की क़ैद में हूँ।

ज़िन्दगी ! मौत तेरी मंज़िल है
दूसरा कोई रास्ता ही नहीं
इतने हिस्सों में बँट गया हूँ मैं
मेरे हिस्से में कुछ बचा ही नहीं

10/10
2 reviews
March 3, 2021
A few gems are hidden

There are few shers that one will never forget but others are just ok. The best part is that language is very simple yet conveys the depth of Noor's thinking very beautifully.
Displaying 1 - 3 of 3 reviews