Jump to ratings and reviews
Rate this book

Dev Se Mahadev

Rate this book
शिव में जब गुण आते हैं तो मनुष्य बनता है। मनुष्य यदि निर्गुण हो जाए तो वह पुनः शिव हो सकता है। यह कोई सिद्धांत नहीं बल्कि विज्ञान है और शिव होना सभी के लिए संभव है। दरअसल हर मनुष्य के जीवन में एक ऐसा कर्म जरूर होता है, जो उसके सभी गुणों को बाहर कर उसे निर्गुण कर दे, उसे पुनः शिव कर दे। इस कर्म की प्राप्ति बहुत कठिन भी नहीं। ऐसा भी नहीं कि इसके बदले हमें कुछ खोना पडे़गा, बल्कि सच तो यह है कि इस कर्म की खोज ही सबकुछ पाने का एक मात्र रास्ता है। महादेश शिव की दया, कृपा और आशीर्वाद से इस पुस्तक में उसी रास्ते पर प्रकाश डालने का प्रयास किया गया है।

216 pages, Paperback

Published January 1, 2016

Loading...
Loading...

About the author

Akash Kailash Vijayvargiya

1 book1 follower

Ratings & Reviews

What do you think?
Rate this book

Friends & Following

Create a free account to discover what your friends think of this book!

Community Reviews

5 stars
4 (57%)
4 stars
0 (0%)
3 stars
3 (42%)
2 stars
0 (0%)
1 star
0 (0%)
No one has reviewed this book yet.