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Mann Adhan

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‘मन अदहन’ मधु चतुर्वेदी की 7 कहानियों का संग्रह है। इन कहानियों को पढ़ने का अहसास किसी रोलर कोस्टर की सवारी-सा है। एक तरफ ‘मेरी झिल्ली’ जैसी दिल को कचोट देने वाली मार्मिक कहानी है तो दूसरी तरफ़ लड़कपन की गली मोहल्लों वाली आवारगी से भरपूर ‘पतंगबाज़ी’। ‘बेबी दी की शादी’ जैसा हास्य से भरपूर संस्मरण जिसे हँस-हँसकर पूरा पढ़कर खत्म कर लेने के फौरन बाद दुबारा पढ़ने लगते हैं। आँचलिकता की खुशबू से महकती ‘गाँव की ओर’ में बुजुर्ग नान बऊ का ऐसा किरदार जो सदा के लिए पाठकों के मन में बस जाए। ‘बड़ी आँखों वाली’ में तरुणाई की उस उद्दंडता की कहानी बाद में जिसका सामना करने में स्वयं को शर्मिंदगी हो। कहानी ‘अम्मा की खाट’ हो या पति-पत्नी के बीच रोज़ाना की चुहलबाज़ीयों वाले इश्क़ में भीगी ‘प्यारे पतिदेव’—इन सभी ë

144 pages, Kindle Edition

Published September 23, 2019

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Madhu Chaturvedi

6 books1 follower

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Displaying 1 - 3 of 3 reviews
Profile Image for Kumar Pankaj Panchal.
14 reviews1 follower
July 31, 2021
मधु चतुर्वेदी द्वारा फेसबुक पर लिखे लेखों से प्रभावित होकर मैंने बड़े ही उत्साह के साथ इस पुस्तक को पढ़ना शुरू किया। प्रकाशक के अनुसार यह एक कहानी संग्रह है परंतु मुझे संकलित विषय वस्तु मैं एक भी कहानी नजर नहीं आई। यह पुस्तक संस्मरण से अधिक कुछ नहीं है। कुछ संस्मरण इस तरह लिखे गए हैं जोकि केवल किताब की पृष्ठ संख्या को बढ़ाने के लिए शब्द जुगाली मात्र है। ना ही किसी तरह की कोई रचनात्मकता और ना ही भावनात्मक रूप से जुड़ाव हो पाया। मेरी नजर में एक विफल कोशिश.... कही गई बातों का पुनरावर्तन खींज पैदा कर रहा था।
Profile Image for Abhijit Rai.
9 reviews
August 29, 2020
गांव घर छोड़ कर परिस्थितियों से बंध कर घर से दूर बेस लोगों के कठीन जीवन और समाज मे बसे विरोधाभास और को चित्रित करती कथा को सुंदर रूप से शब्दांवित किया गया है।

साथ ही नगर और गाँव के जीवन रहन सहनका विवरण भी अति सुंदर शब्दों में किया गया है।

सामान्य लोगों और समाज की कथा।
Profile Image for Dheeraj Mishra.
6 reviews1 follower
June 7, 2020
मन अदहन जैसा कि नाम से ही पता चलता है कि मन में उबलते विचारों को अपनी लेखनी से पन्ने पर उतार दिया। एक माध्यमवर्गीय परिवार आस पास के लोग सब को बहुत उचित तरीके से चित्रित किया गया है। इसकी हर कहानी से पढ़ने वाला खुद को जोड़ लेता है। खुद को एक पात्र के रूप में देखता हैं। कुछ कहानी ऐसी है कि उसको पढ़ कर आँखे भर जाती हैं।
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