" कौन कहता है कि वह हार गयी; वह हारेगी तब, उसकी मुठ्ठी खुलेगी जब ! ” यह कहानी एक ऐसी लड़की की है जिसे शहर और गाँव पहचानता नहीं था; लेकिन आज उसी शहर और गाँव में उसके नाम की चर्चा है । लोग उसके सम्मान में अपना सर झुकाते हैं और अपने बच्चों को उसके जैसा बनने की प्रेरणा देते हैं; सिर्फ इसलिए नहीं कि उसके पास जरुरत से ज्यादा पैसा, आलिशान महल जैसा घर और मंहगी कारें हैं - वे उस लड़की का सम्मान इसलिए करते हैं कि वह जिस कामयाबी की ऊँचाई पर खड़ी है; उस ऊँचाई तक आने की उसकी उड़ान आसान नहीं थी । आप जिस देश में रहते हैं; हो सकता है वहाँ कम पढ़े-लिखे लोगों के लिए कोई अच्छा जॉब नहीं हो - लेकिन हाँ व्यापार करने की संभावना भरी पड़ी होती है; बस आप यह तय कर पाएँ कि आपको करना क्या है - फिर सारी दुनिया आपकी मुट्ठी में !