एक लेखक, जो कहानी की तलाश में इधर - उधर भटक रहा था, उसे एक पुलिसकर्मी से प्रेम हो जाता है। वह पुलिसकर्मी, जिससे उसे केवल आंखों ही आंखों में प्रेम जताता था, वह उसकी प्रेरणा बनी। किंतु अंत में कुछ ऐसा होता है, जिससे उसके पैरों तले जमीन खिसक जाती है। एक लघु कथा जो हर लेखक के जीवन का हिस्सा है और हर लेखक ने ये पल अवश्य जिए होंगे ।