यह कहानी एक छोटे से गाँव मधुबन में रहने वाली सुमन की है जो कभी स्कूल नहीं गयी पर वह दुनिया में नाम कमाना चाहती थी । पूरा गाँव उसे पगली कह कर बुलाता था और क्यों नहीं जब भी वह किसी से मिलती थी तो यह कहने से नहीं चुकती थी कि वह पढ़ी-लिखी नहीं है तो क्या हुआ एक दिन पूरी दुनिया उसे उसके काम से जानेगी । गाँव वालों को इस बात की बिल्कुल खबर नहीं थी कि वाकई सुमन करना क्या चाहती थी । सुमन के बाप ने सुमन को अपने सपने को छोड़कर शादी करने का सलाह देता रहता था । एक दिन सुमन के पिता ने सुमन के सामने शर्त रखा कि अगर सुमन अपने हुनर में फेल हो जाती है तो वह शादी करके गाँव छोड़कर चली जाएगी । क्या सुमन इतनी आसानी से अपने सपने छोड़ देगी ? एक हादसे ने सुमन का सबकुछ बर्बाद कर दिया था फिर भी वह नहीं रुकी ।