सिक्ख धर्म का इतिहास अधिक पुराना नहीं है। इसे विश्व के सबसे नए धर्मों में से माना जा सकता है किंतु आज यह विश्व के प्राचीनतम धर्मों की तरह करोड़ों लोगों की आस्था का केन्द्र है। करोड़ों लोग सिक्ख धर्म के सिद्धांतों में विश्वास रखते हैं और उनकी मान्यता है कि इस धर्म की शिक्षाओं के अनुसार जीवन यापन करने से उन्हें मानव जीवन के अंतिम गंतव्य अर्थात् मोक्ष की प्राप्ति हो जाएगी। इस धर्म का बाह्य स्वरूप इस्लाम और हिन्दू धर्म के बीच का प्रतीत होता है किंतु इसका आंतरिक रूवरूप इस्लाम से बहुत दूर है तथा सनातन हिन्दू धर्म के अत्यंत निकट है। जिस प्रकार बहुदेववादी होते हुए भी हिन्दू धर्म अंततः एकेश्वरवादी ही है उसी तरह सिक्ख धर्म भी अनेक गुरुओं की शिक्षाओं पर विश्वास करते हुए भी एकेश्वरवादी ही