यह कहानी है विरुद्ध सत्यान्वेषी की और उसके दोस्त कुणाल चतुर्वेदी की जो कि एक पेरानॉर्मल एक्सपर्ट है। बचपन से ही विरुद्ध भूतों और आत्माओं की दुनिया को देख सकता था। साथ ही साथ वह उनसे बाते भी कर सकता था। विरुद्ध का जीवन संघर्षरत रहा लेकिन बाद मै विरुद्ध एक डिटेक्टिव का काम चुनता है इसी बीच विरुद्ध एक ऐसे केस से जुड़ता है जिससे वह एक पेरानॉर्मल डिटेक्टिव बन जाता है। यह कहानी एक ऐसे केस से जुड़ी है जो कि आत्माओं की दुनिया की सच्चाई को दिखाती है। एक ऐसी हत्या जो समाज मे हो रहे धोखे, लालच, जलन , के साथ साथ प्यार , त्याग, और रिश्तों की अहमियत भी बताता है। तो आइए चलते है इस पेरानॉर्मल डिटेक्टिव के अनोखे सफर पर