अब राहुल ने अपना शर्ट उतार कर वहीं खुटी पर टांगा, चश्मा सामने टेबल पर रखा था उसी के पास घड़ी भी रख दी। फिर अंडरवेयर को उतार कर वो धीमे-धीमे चहल कदम करता हुआ, बिस्तर को संवारती उस वासना की पुजारन के करीब पहुंच रहा था। राहुल ने बिस्तर पर अपने घुटने टेके, और उन खुली चौड़ी टांगो के बीच खुद को फंसाया, फिर झुक कर वो गुलाबी गड्डे तक पहुंचकर अपनी ताकत लगा कर अंदर तक डाला। राहुल के इस प्रथम प्रयोग से मचलती हुई अनीता की अंदर से आह निकल गई। और... राहुल का फोन बज उठा... हे कांमदेव, क्या आज भी तुम्हारे एक तीर में दोनों घुस नहीं पायेगे। फोन वर्षा का था, और राहुल ने फोन उठाया तो वर्षा ने एक बात कहीं