मे श्री विष्णु भगवान को नमन करता हु जो की इस सृष्टी का देखभाल करते है, मे शंकर जी को भी वंदन करता हू, और जिनपे ये पुराण लिखी गइ है उन भगवान ब्रह्म को भी नमन करता हू । यह पुराण ब्रह्मा जी ने जो ऋषियो को ज्ञान दिया उसपे आधारित है, इस्क वाचन अथवा श्रवण कयी कष्ट दूर करणे वाला है (ये मेरा अनुभव है) । इस्मे शंकर जी, पार्वती जी, जगन्नाथ जी इंका श्रावणनीय वर्णन मिलता है, यह पुराण गोदावरी नदी की माहिम को उच्च तरिके से समजाता है । मे व्यास जी को नमन करता हू, जिंकी वजह से सारे पुराण अबी जीवंत है ।