फेमस डिटेक्टिव सुधीर कोहली का उसूल था कि जब तक पंगा उससे पंगा ना ले, वो पंगे से पंगा नहीं लेता था । लेकिन फिर एक रात जब उसने एक लड़की को दो गुंडों की गिरफ्त में कबूतरी की तरह फड़फड़ाते देखा तो उसे अपना उसूल ताक पर रखकर उस लड़की की मदद के लिए आगे आना पड़ा । और फिर शुरू हुआ खून-खराबे का एक खतरनाक खेल ।
Surender Mohan Pathak, is an author of Hindi-language crime fiction with 314 books to his credit. His major characters are Crime reporter Sunil (unprecedented 123 Titles), Vimal (46 Titles) and Philosopher Detective Sudhir (23 titles). Apart from series, he has written 60+ Novels in thriller category.
बाज़ी सुधीर कोहली श्रृंखला का 16 वाँ उपन्यास है। सुधीर कोहली यूनिवर्सल इन्वेस्टीगेश्न्स नाम की प्राइवेट डिटेक्टिव एजेंसी का मालिक है और अपने पेशे के चलते ऐसे कई मामलों में फँस जाता है जो कि उपन्यास का कथानक बनते हैं।
उपन्यास की बात करूँ तो बाज़ी मुझे पसंद आया। रहस्य और रोमांच के मामले में यह आपको पूरी तरह संतुष्ट करता है। कथानक घुमावदार और तेज रफ्तार है। कहानी एक जगह से बढ़ती तो है लेकिन फिर इसमें दूसरे पहलु भी जुड़ जाते हैं जिससे कथानक ज्यादा रहस्यमयी हो जाता है। सुधीर इन रहस्यों के उलझे हुए धागों को किस तरह सुलझाता है यह देखना रोचक रहता है।
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