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ईश्वर और स्वयं की खोज

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‘ईश्वर और स्वयं की खोज’ करने वाली पुस्तक, हमें अपने मूल स्वभाव, पहचान और हमारे वास्तविक स्व के अस्तित्व को समझने में मदद करती है यानी कि 'मैं कौन हूं'। इस शाश्वत प्रश्न ‘मैं कौन हूं’से हम सभी त्रस्त हैं। हम जानना चाहते हैं कि वास्तव में हम कौन हैं। हम इस दुनिया में कहाँ से आये हैं और मृत्यु के बाद कहाँ जायेंगे? वास्तव में हम क्या हैं? हमें किसने बनाया? वह हमसे क्या हासिल करना चाहता है? हमारी भूमिका क्या है? हम सभी अपने आत्म (आत्मा) और निर्माता ईश्वर को जानने की तलाश में हैं। यह पुस्तक हमारी मूल खोज का उत्तर है।

भगवान ने हमें अपनी माया के माध्यम से स्वयं बनाया है। माया ने हमें ईश्वर से अलग कर दिया है और अपनी पहचान को भूलने के लिए अज्ञानता पैदा की है। लेकिन हम भगवान का हिस्सा हैं। हमने माया के क&

Kindle Edition

Published July 28, 2019

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Dharam Vir Mangla

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