Jump to ratings and reviews
Rate this book

पृथ्वी से परे एलियन का देश

Rate this book
मेरी यह किताब सपनों की चमत्कारिक दुनिया को हकीकत की दुनिया से जोड़ती है। लोगों के जहन में एलियनों के अस्तित्व और उनके स्वरुप को देखने और समझने की सदैव उत्सुकता रही है। एलियनों का रहस्य आज तक अनसुलझा ही है, मैंने अपनी इस किताब में एलियनों के उन्हीं रहस्यों से पर्दा उठाने का प्रयास किया है।

88 pages, Kindle Edition

Published September 14, 2019

Loading...
Loading...

About the author

Mukesh Kumar

361 books2 followers

Ratings & Reviews

What do you think?
Rate this book

Friends & Following

Create a free account to discover what your friends think of this book!

Community Reviews

5 stars
1 (20%)
4 stars
1 (20%)
3 stars
1 (20%)
2 stars
1 (20%)
1 star
1 (20%)
Displaying 1 of 1 review
3 reviews1 follower
October 6, 2019
किताब साइंस फंक्शन की जगह पे माइथोलॉजी के ज़्यादा करीब है |

"पृथ्वी से परे एलियन का देश" शीर्षक ही ठीक नहीं लगा | कहानी एलियन की कम और पुराणों ग्रंथो की ज़्यादा लगती है | राक्षश, देवी, देवता, भक्ति, अवतार, वर, श्राप यह सब कहा होता है एलियन की कहानियो में | यह कहानी हरियाणा के कबीर पंथी रामपाल द्वारा लिखी पुस्तक ज्ञान गंगा से बहुत ज़्यादा प्रेरित लगती है | एलियन पर लिखी कहानी में साइंस की जगह भक्ति पे ज़्यादा ज़ोर दिया गया है | किताब का नाम "पृथ्वी से परे सपनो का देश" ज़्यादा ठीक रहता | किताब साइंस फंक्शन की जगह पे माइथोलॉजी के ज़्यादा करीब है |
Displaying 1 of 1 review