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Devayani

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देवों और असुरों के मध्य चल रहे संग्राम को एक लम्बी अवधि हो गयी थी. देवों के पास दिव्यास्त्र थे किन्तु फिर भी असुरों का पलड़ा भारी था. कारण थे दैत्यगुरु शुक्राचार्य. उनके पास एक ऐसी विद्या थी जिसे मृत-संजीवनी विद्या कहा जाता है. युद्ध में दिव्यास्त्रों के प्रहार से जितने भी असुर मारे जाते, शुक्राचार्य उन्हें फिर से जीवित कर देते. किन्तु देवताओं के गुरु बृहस्पति के पास ऐसा कोई उपाय नहीं था. अतः जो देव मारे जाते वे फिर पुनर्जीवित नहीं हो सकते थे.
युद्ध, घृणा, शत्रुता और कुटिलता की पृष्ठभूमि में है –देवयानी. देवयानी जोकि शुक्राचार्य की अतिप्रिय पुत्री थी. यह कहानी उसी देवयानी के इर्द-गिर्द घूमती है. बुद्धिमती, रूपवती और दैत्यगुरु शुक्राचार्य की प्रिय होने के बाद भी क्यों और कैसे देवयानी को अपने जीवन में सुख और संतोष के लिए संघर्ष करना पड़ता है? यह कहानी यही बताती है. इसके अलावा यह कहानी हमें देवयानी के प्रेम-संघर्षों के बारे में भी बताती है.
कुछ समय पूर्व अपने सोलहवें वर्ष में प्रवेश करने वाली देवयानी को अभी बहुत कुछ सीखना है. उसके पिता के प्रेम की छावं में उसे कभी ज्ञात न हुआ कि धुप कितनी जलन पैदा करती है. उसे अभी संसार और इसके लोगों को ठीक से जानना है. संसार वैसा नहीं है जैसा देवयानी समझती है.
प्रेम, मैत्री, दांपत्य आदि पर प्रकाश डालती यह कथा हमें जीवन मूल्यों का भी पाठ सिखलाती है.
तो चलिए देवयानी के साथ उसकी जीवन-यात्रा पर और उसकी कहानी को अपनी स्वयं की आँखों से देखते हैं.

लेखक के बारे में:
एक शायर के रूप में शुरुआत करने वाले यथार्थ सिंह चौहान ने विभिन्न विषयों पर विचार किया। पर फिर साहित्य में डिग्री प्राप्त करने के बाद कहानियों, उपन्यासों तथा कविताओं को चुना। यथार्थ मुख्य रूप से साई-फाई/फंतासी और ऐतिहासिक कहानियां लिखते हैं। वे हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों में लिखते हैं। यथार्थ की पृष्ठभूमि विज्ञान में भी है। यथार्थ की इतिहास, चित्रकला और युद्धकला में रुचि इनकी लेखनी में भी दिखती है। लेखन के अतिरिक्त इन्हें बॉलीवुड और लोक संगीत, हास्य फिल्मों और नृत्य में आनंद आता है। उन्हें कुदरती और ऐतिहासिक जगहें पसंद हैं तथा स्वादिष्ट खाने का शौक फरमाते हैं।

119 pages, Kindle Edition

First published March 6, 2020

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About the author

Started as a Poet, Yatharth Singh Chauhan first thought about different options. But then after graduating in Literature, he opted for writing stories, novels and poetry.
Yatharth has authored two ebooks namely -'The Pitambar' and 'Devayani' (Hindi) respectively.
Yatharth mainly writes in Fantasy/Sci-Fi and Historical fiction. He writes both in Hindi and English. He also has a background in Life Sciences. His interests in History, Fine Arts and Fight Arts can be felt in his writings.
Yatharth loves writing because it helps him in learning as well as sharing what he has learnt.
In Addition to Writing Yatharth enjoys bollywood and folk music, comedy movies and dancing. He loves natural and historical places and has a taste for fine delicacies.

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