जब भी कोई परिवर्तन होता है, तो इसका असर, प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से सब पर पड़ता है। हिमयुग में, जब बर्फ पिघल कर, प्रकृति का नया रूप दिखा रही थी, तब मनुष्य के दिमाग की सोयी परतें भी एक-एक कर खुलने लगी। ये कहानी आदियुग के उसी चरण की अनकही दास्तान है, जिसकी हर घटना के साथ, समय भी अपनी करवट बदलता रहा। आदिकाल के मनुष्य ने अब जवाब तलाशनें शुरू किये, अपने मस्तिष्क में उफनते अजीबो-गरीब सवालों के। हर युग में एक न एक ऐसा क्रांतिकारी जरूर पैदा होता है जिसके बाद मानवजीवन वहीं नही ठहर जाता बल्कि विकास के अगले चरण में प्रवेश कर जाता है।" मिलिये अलबेला से और जानिये कैसे उसने हिमयुग की पूरी कहानी ही बदल कर रख दी।
हाँ तो दोस्तों आज मैं समीक्षा करने जा रहा हूं, "अलबेला" की, जिसे लिखा है अरविन्द सिंह नेगी ने। अगर मैं अपने समीक्षा का सार बताऊँ तो कुल मिलाकर मुझे ये किताब अच्छी लगी। मैं ये तो नहीं कहुँगा कि आपको ये किताब ज़रूर पढ़नी चाहिये, लेकिन अगर आप ये पढ़ते हैं, तो निराश भी नहीं होंगे। ये कहानी है हिमयुग के समय कि, जहाँ एक मनुष्य कि जिज्ञासा पूरे मानवजाति कि राह तय करती है। भाषा शैली:- ये हिन्दी में लिखी गई है, और काफी आसान भाषा शैली का प्रयोग किया गया है। भाषा का प्रभाव:- अधिकतर स्थानों पर तो औसत से नीचे का कहुँगा, लेकिन कुछ पन्ने काफी अच्छे लिखे गए हैं, खासकर कुछ व्याख्याओं में काफी अच्छे और प्रभावशाली शब्दों को प्रयोग किया गया है। लेकिन कहानी पढ़ने में एक रोमांच हमेशा बना रहता है। चरित्र निर्माण:- इस बात के लिये मैं लेखक को पूरे नंबर देता हूँ। अलबेला, बिजुरी, तुफान आदि किरदारों के चरित्र का निर्माण काफी अच्छे से किया गया है। हम बड़ी सहजता के साथ इन किरदारों के साथ जुड़ाव महसूस कर सकते हैं। कमियाँ:- इस उपन्यास में सबसे बड़ी कमी इसके भाषा शैली का प्रभावशाली न होना है। कुछ पन्नों को छोड़ दें, तो इसकी भाषा हमपर कोई प्रभाव नहीं छोड़ती, इसे बस एक ही तरीके से ठीक किया जा सकता है, और वो तरीका यह है कि लेखक थोड़ी और शुद्ध हिन्दी का प्रयोग करें। मुझे उम्मीद है कि लेखक इस बात पर गौर करेंगे। इसे खरीदे या नहीं? अगर आप बड़े-बड़े और भारी प्लॉट्स वाले उपन्यास से ऊब चुकें हैं, और कुछ हल्का पढ़ना चाहते हैं, तो इसे अवश्य खरीद सकते हैं। मेरी रेटिंग 3/5
Albela is a fictional story of evolution of mankind's way of living. Story starts from 'Himyug' That is era of people living in caves of mountain Himalaya. Time changes when Albela is Born. Destiny leads him to grow up with different people than his own community.
As time goes, he innovates fire, tents for living, wall of stones to protect community and much more. Story shows imagination of author that how mankind's way of living evolved. Author has beautifully connected it with story of a man born to change the world, and his love story with a girl from different community.
Book is written in hindi language. It's my first read in Hindi language still its easy to read and understand. I liked the pictures and sketches more than Anything in the book and also a character of bijuri, love of Albela was well built.
Overall, its adventurous read that takes back us to stone age and its revolutions.