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अनुक्रम
प्रस्तावना : एक जीनियस का दिशाहीन सफर—9
खंड-1
1. बालक प्रमोद बन गया जयपाल सिंह—27
2. एक प्रतिभाशाली, साहसी व वाक्पटु छात्र—34
3. स्कूल कप्तान से ओलंपिक हॉकी कप्तान पद तक का रोमांच—38
4. यों नहीं बन सके आई.सी.एस. अफसर?—44
5. सदाकत आश्रम से सीधे गवर्नमेंट हाउस का रुख!—48
6. आदिवासी महासभा की कमान जयपाल सिंह के हाथ में—52
7. मुयमंत्री से तीखी तकरार—नतीजा सिफर—58
8. गांधीजी की राँची-यात्रा पर हड़ताल का विचित्र आह्वान—62
9. ‘सुभाष बाबू मुझे जेल जाने से डर लगता है’—66
10. डॉ. राजेंद्र प्रसाद से जयपाल सिंह की लंबी रंजिश—73
(Continue)..........368 pages, Paperback
Published January 1, 2017