कविताएं भावनाओं का प्रतिबिम्ब होती है। मैनें सिर्फ वही लिखा जो हालात और वक़्त ने मुझसे लिखवाया। मेरी कविताएं मात्र किसी एक विधा तक सिमित नही है, और इसका एक कारण है की भावनाएँ किसी एक विधा तक सिमटकर नही रहती।
कई ऐसी परिस्थितियां एवं हालात जो इंसान को मजबुर कर देती है गलत राह कर चलने के लिये, ऐसे मे बहुत जरुरी है की इंसान अपना सम्पुर्ण साहस जोड़कर मजबुर से मजबुत होने की तरफ अपना कदम बढ़ाये। परिस्थितियां चाहे जो भी हो लेकिन हमारे अंदर एक नयी सुबह की उम्मिद जीवित रहना जरुरी है। इस संग्रह का शीर्षक "नयी सहर की आस में" चुनने का यह एक मुल कारण है।