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Naina
ब्रेकिंग न्यूज़: आज दिल्ली के आईपी एक्सटेंशन इलाक़े के जॉगिंग पार्क में सुबह के तक़रीबन 6:15 बजे एक महिला की लाश बरामद हुई। कौन है यह महिला?
देश की लोकप्रिय न्यूज़ एंकर, मीडिया और राजनीतिक गलियारों में एक जाना-माना चेहरा, और नेशनल न्यूज़ चैनल की टीआरपी के लिए एक बड़ी ज़रूरत, नैना वशिष्ठ ख़ूबसूरत थी, एम्बिशियस थी, बहादुर और कामयाब भी। ज़ाहिर है नैना से सभी प्यार करते थे, लेकिन कुछ ईर्ष्या भी। और शोहरत के दाम तो देने पड़ते हैं।
ऐसे में उसका क़त्ल हुआ तो शक के घेरे में कई लोग आ गए...
टीवी की दुनिया की चमक-दमक के पीछे की सच्चाइयों से रूबरू कराता जाने-माने पत्रकार संजीव पालीवाल का यह उपन्यास आपको आख़री पन्ने तक सस्पेंस में रखेगा।
देश की लोकप्रिय न्यूज़ एंकर, मीडिया और राजनीतिक गलियारों में एक जाना-माना चेहरा, और नेशनल न्यूज़ चैनल की टीआरपी के लिए एक बड़ी ज़रूरत, नैना वशिष्ठ ख़ूबसूरत थी, एम्बिशियस थी, बहादुर और कामयाब भी। ज़ाहिर है नैना से सभी प्यार करते थे, लेकिन कुछ ईर्ष्या भी। और शोहरत के दाम तो देने पड़ते हैं।
ऐसे में उसका क़त्ल हुआ तो शक के घेरे में कई लोग आ गए...
टीवी की दुनिया की चमक-दमक के पीछे की सच्चाइयों से रूबरू कराता जाने-माने पत्रकार संजीव पालीवाल का यह उपन्यास आपको आख़री पन्ने तक सस्पेंस में रखेगा।
- GenresCrime
272 pages, Kindle Edition
Published February 10, 2020
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Community Reviews
Displaying 1 - 19 of 19 reviews
December 21, 2020
An average novel, Considering this is a murder mystery... And if you have been reading this genre for a long time... You will very easily know who the murderer is at just 33% of the novel...
The starting 100 Pages did bore me as it took a lot of time to establish all the characters...
The author does deserve the appreciation for Creating a Character like "Naina", Who is a really Complicated Character... She is both a Victim and Vicious at once...
A One time read.... For New Readers...
The starting 100 Pages did bore me as it took a lot of time to establish all the characters...
The author does deserve the appreciation for Creating a Character like "Naina", Who is a really Complicated Character... She is both a Victim and Vicious at once...
A One time read.... For New Readers...
June 25, 2020
अच्छा लगा पढ़्कर। साफ सुथरा उपन्यास।शुरु में काफ़ी कसा हुआ और मीडिया की दुनिया का अच्छा वर्णन।।
शब्दों का धारा प्रवाह गति बनाय रखना इस उपन्यास की खासियत है।
साफ सुथरा उपन्यास है ।
Keep it up
शब्दों का धारा प्रवाह गति बनाय रखना इस उपन्यास की खासियत है।
साफ सुथरा उपन्यास है ।
Keep it up
July 31, 2021
Author यह कबूल करते हैं आभार में की नोवेल उन्हें force करके लिखाया हैं.वो कई बार फंसते हैं जिससे उनके दोस्त जान पहचान ke लोग निकालते हैं.
ये बातें आपको नॉवेल के कुछ ही पन्नों में महसूस होगी. कहानी खुद repeat करती हैं. एक ही रस के किरदारों की भरमार हैं. Detective mystery तो दूर थ्रिलर के सन्दर्भ में भी ये निरस और ऊबाऊ नॉवेल हैं. इसे पूरा पढ़ना खुद पर जुल्म करने jaisa है
ये बातें आपको नॉवेल के कुछ ही पन्नों में महसूस होगी. कहानी खुद repeat करती हैं. एक ही रस के किरदारों की भरमार हैं. Detective mystery तो दूर थ्रिलर के सन्दर्भ में भी ये निरस और ऊबाऊ नॉवेल हैं. इसे पूरा पढ़ना खुद पर जुल्म करने jaisa है
July 8, 2022
किताब : नैना
लेखक : @paliwal.sanjeev
पब्लिशर: - @westland_books
पेज : 266
कीमत : MRP 250.00
संजीव पालीवाल सर की पहली किताब :- नैना
मैं पहले ये बता दू, की मुझे कभी सरप्राइज की आदत नहीं हैं। लेकिन ये किताब सप्राइज गिफ्ट हैं, लम्बे समय तक मैं सोच रही थी, कौन है जिसे ये पता है। मैं इन दिनों, कौन सी किताब पढ़ना चाहती हूं ।
खैर शायद वो इकलौती लड़की है जिसे ये पता होता हैं, मैं क्या पढ़ रही हूं क्या पढ़ना चाहती हूं, और वो है @ritika_maurya._
खुबसूरत तोहफ़ा के लिए शुक्रिया दोस्त @ritika_maurya._
नैना:
यह एक मर्डर मिस्ट्री किताब हैं,
इस कहानी के मुख्य पात्र हैं: नैना वशिष्ठ, सर्वेश राज, गौरव वर्मा , नवीन शर्मा।
नैना : साधारण से जीवन को जीने के लिए इच्छुक महिला रहती है। जो प्रेम विवाह के बाद सर्वेश के साथ दिल्ली आ जाती हैं।
सर्वेश एक पत्रकार का किरदार रहता हैं।
जो हमेशा बड़ा सपना देखता , रॉयल लाइफ का , और चाहता हैं दोनो काम करे, जिससे हम ज्यादा कमाई हो सके हैं।
एक वक्त के बाद नैना वशिष्ट नेशनल न्यूज़ में काम करने लगती है।
नैना वशिष्ट के सीनियर गौरव वर्मा और नवीन हैं,
नैना का एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर गौरव वर्मा के साथ हैं,
नवीन उस के खास मित्र हैं,
नैना को गौरव वर्मा धोखा दे रहा हैं , ये जान के नैना बखौला जाती है, और गौरव वर्मा को बर्बाद करने का धमकी देती है,
साथ ही जब नवीन को गौरव और नैना के अफेयर के बारे में पता चलता है, तो नवीन खुद को धोखे में महसूस करता हैं , वो नवीन जिसे लगता है, की नैना उससे प्यार करती हैं,
नैना और उस के पति के बिच अब प्यार तो दूर उसकी शादी भी सही नही चल रही है, और नैना अपने पति को घर से निकल जाने की धमकी देती हैं।
चौथा किरदार : राजस्थान के उपमुख्यमंत्री । उनके साथ भी नैंना हमबिस्तर हो चुकी है, और वो उन्हें फोन पर बताती है कि उन के बच्चे की मां बनने वाली है।
यह घटनाएं एक ही दिन होती है। अगले ही दिन नैंना का मर्डर हो जाता है। हत्या की सूई इन चारों पर जाती है,
कौन हैं कातिल?
सर्वेश??
गौरव वर्मा??
नवीन???
या फिर कोई और????
ये किताब कई रिश्तों का आइना हैं , कामयाबी और शाहोरत की भागम भाग में कोई सब कुछ खो सकता हैं
जैसे ज़ियादा रौशनी आदमी से उसकी नज़र छीन लेती है.... वैसे ही अगर शोहरत का उजाला ज़ियादा तेज़ हो जाये तो आदमी अपना विवेक (मन कि नज़र) खो देता है..
शायद इसलिए नैना वशिष्ठ को अपनी जान की कीमत देनी पड़ती हैं,
लेकिन कातिल कौन हैं????
ये जानने के लिए आप ये "नैना " किताब ज़रूर पढ़े...
लेखक : @paliwal.sanjeev
पब्लिशर: - @westland_books
पेज : 266
कीमत : MRP 250.00
संजीव पालीवाल सर की पहली किताब :- नैना
मैं पहले ये बता दू, की मुझे कभी सरप्राइज की आदत नहीं हैं। लेकिन ये किताब सप्राइज गिफ्ट हैं, लम्बे समय तक मैं सोच रही थी, कौन है जिसे ये पता है। मैं इन दिनों, कौन सी किताब पढ़ना चाहती हूं ।
खैर शायद वो इकलौती लड़की है जिसे ये पता होता हैं, मैं क्या पढ़ रही हूं क्या पढ़ना चाहती हूं, और वो है @ritika_maurya._
खुबसूरत तोहफ़ा के लिए शुक्रिया दोस्त @ritika_maurya._
नैना:
यह एक मर्डर मिस्ट्री किताब हैं,
इस कहानी के मुख्य पात्र हैं: नैना वशिष्ठ, सर्वेश राज, गौरव वर्मा , नवीन शर्मा।
नैना : साधारण से जीवन को जीने के लिए इच्छुक महिला रहती है। जो प्रेम विवाह के बाद सर्वेश के साथ दिल्ली आ जाती हैं।
सर्वेश एक पत्रकार का किरदार रहता हैं।
जो हमेशा बड़ा सपना देखता , रॉयल लाइफ का , और चाहता हैं दोनो काम करे, जिससे हम ज्यादा कमाई हो सके हैं।
एक वक्त के बाद नैना वशिष्ट नेशनल न्यूज़ में काम करने लगती है।
नैना वशिष्ट के सीनियर गौरव वर्मा और नवीन हैं,
नैना का एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर गौरव वर्मा के साथ हैं,
नवीन उस के खास मित्र हैं,
नैना को गौरव वर्मा धोखा दे रहा हैं , ये जान के नैना बखौला जाती है, और गौरव वर्मा को बर्बाद करने का धमकी देती है,
साथ ही जब नवीन को गौरव और नैना के अफेयर के बारे में पता चलता है, तो नवीन खुद को धोखे में महसूस करता हैं , वो नवीन जिसे लगता है, की नैना उससे प्यार करती हैं,
नैना और उस के पति के बिच अब प्यार तो दूर उसकी शादी भी सही नही चल रही है, और नैना अपने पति को घर से निकल जाने की धमकी देती हैं।
चौथा किरदार : राजस्थान के उपमुख्यमंत्री । उनके साथ भी नैंना हमबिस्तर हो चुकी है, और वो उन्हें फोन पर बताती है कि उन के बच्चे की मां बनने वाली है।
यह घटनाएं एक ही दिन होती है। अगले ही दिन नैंना का मर्डर हो जाता है। हत्या की सूई इन चारों पर जाती है,
कौन हैं कातिल?
सर्वेश??
गौरव वर्मा??
नवीन???
या फिर कोई और????
ये किताब कई रिश्तों का आइना हैं , कामयाबी और शाहोरत की भागम भाग में कोई सब कुछ खो सकता हैं
जैसे ज़ियादा रौशनी आदमी से उसकी नज़र छीन लेती है.... वैसे ही अगर शोहरत का उजाला ज़ियादा तेज़ हो जाये तो आदमी अपना विवेक (मन कि नज़र) खो देता है..
शायद इसलिए नैना वशिष्ठ को अपनी जान की कीमत देनी पड़ती हैं,
लेकिन कातिल कौन हैं????
ये जानने के लिए आप ये "नैना " किताब ज़रूर पढ़े...
May 20, 2020
Good reading
Language is good..suspense.. keep writing.recomended to read. Waiting for another book.. like we wait Surendra Mohan Pathak next book ..fine
Language is good..suspense.. keep writing.recomended to read. Waiting for another book.. like we wait Surendra Mohan Pathak next book ..fine
June 7, 2021
दिलचस्प और पठनीय मर्डर मिस्ट्री
रहस्य रोमांच से हिंदी उपन्यासों की शुरुआत होने के बावजूद आज हिंदी में मर्डर मिस्ट्री लिखने वाले लेखक के रूप में संजीव पालीवाल शायद अकेले हैं। इस उपन्यास को लिखते समय एक खतरा यह भी था कि संजीव भी आत्ममुग्धता का शिकार हो जाएं एवं अपने व्यवसाय के ग्लैमर एवं चकाचौंध को ही परोस दें या उसका बचाव करने लगें। न्यूज़ रूम की भाषा एवं मीडिया कर्मियों के व्यवहार को उन्होंने अपने व्यक्तिगत संबंधों के खराब होने के संभावित खतरे उठा कर भी यथार्थ रूप से प्रस्तुत किया है। मुझे यह उपन्यास बहुत ही अच्छा लगा।
रहस्य रोमांच से हिंदी उपन्यासों की शुरुआत होने के बावजूद आज हिंदी में मर्डर मिस्ट्री लिखने वाले लेखक के रूप में संजीव पालीवाल शायद अकेले हैं। इस उपन्यास को लिखते समय एक खतरा यह भी था कि संजीव भी आत्ममुग्धता का शिकार हो जाएं एवं अपने व्यवसाय के ग्लैमर एवं चकाचौंध को ही परोस दें या उसका बचाव करने लगें। न्यूज़ रूम की भाषा एवं मीडिया कर्मियों के व्यवहार को उन्होंने अपने व्यक्तिगत संबंधों के खराब होने के संभावित खतरे उठा कर भी यथार्थ रूप से प्रस्तुत किया है। मुझे यह उपन्यास बहुत ही अच्छा लगा।
February 9, 2021
Keeps you glued till the end.
The novel begins and progresses very well. It keeps you gripped. But at some places i habe felt that info has been repeated many times. Btw i identified the killer before it came to end thats why three stars. But author writes very well and if next book comes out for this author i would definitely pick it up.
The novel begins and progresses very well. It keeps you gripped. But at some places i habe felt that info has been repeated many times. Btw i identified the killer before it came to end thats why three stars. But author writes very well and if next book comes out for this author i would definitely pick it up.
July 16, 2020
Best novel
एक बहुत ही अच्छी नॉवेल जिसने मीडिया को अच्छे से कवर किया सच मे आज का मीडिया सिर्फ TRP के लिए वर्क करता है
एक बहुत ही अच्छी नॉवेल जिसने मीडिया को अच्छे से कवर किया सच मे आज का मीडिया सिर्फ TRP के लिए वर्क करता है
September 12, 2020
Amazing.. Must Read!
There are not so many hindi crime-suspense book available now days.. It keep you glued and You don't get any ideas.. Its interesting. Very well written..
There are not so many hindi crime-suspense book available now days.. It keep you glued and You don't get any ideas.. Its interesting. Very well written..
April 6, 2021
The language is excellent
.I am listening audio version as i cannot read Hindi :)
Five hours completed out of 11 hours
.I am listening audio version as i cannot read Hindi :)
Five hours completed out of 11 hours
January 20, 2025
After being accustomed to reading Surendra Mohan Pathak,This author Sanjeev Paliwal managed to capture the 60 percent Charisma of the Veteran Author.
No doubt story was decent and contemporary and well written..immaculate research and Good Charaterisation ,but problem is some how I managed to guess the murderer before climax...apart from this It was too straight jacketed in Dialogues and Charterisation.I missed the titillating one liner of Surendra Mohan Pathak along with the under current of humour and social context.
Inspite of this I must say...It was wonderful experience
I have the honour of reading 99percent novels of Mr Pathak.Which allows me little liberty to comment on the content Hindi Crime Novels.
Best of luck
No doubt story was decent and contemporary and well written..immaculate research and Good Charaterisation ,but problem is some how I managed to guess the murderer before climax...apart from this It was too straight jacketed in Dialogues and Charterisation.I missed the titillating one liner of Surendra Mohan Pathak along with the under current of humour and social context.
Inspite of this I must say...It was wonderful experience
I have the honour of reading 99percent novels of Mr Pathak.Which allows me little liberty to comment on the content Hindi Crime Novels.
Best of luck
June 8, 2021
बेहद रोमांचक उपन्यास!
कई सालों के बाद एक हिंदी उपन्यास पढ़ा, और मानना पड़ेगा, एक क्षण के लिए भी छोड़ने का मन नहीं हुआ। नैना एक जानी- मानी टीवी एंकर की कहानी है जिसका बेरहमी से कत्ल हो जाता है। इसके बाद कुछ कहानी फ्लैशबैक में है, और शेष वर्तमान में कत्ल की जांच- पड़ताल करते इंस्पेक्टर समर प्रताप सिंह के नज़रिए से। वह किस प्रकार केस की तहकीकात करता है, और कैसे अन्ततः खूनी तक पहुंचता है, इसकी यात्रा बेहद रोमांचक है। पूरी तरह से पैसा- वसूल उपन्यास। इसे पढ़ कर मैंने हिंदी भाषा में लिखी गयी और अधिक किताबें पढ़ने का निश्चय किया है।
कई सालों के बाद एक हिंदी उपन्यास पढ़ा, और मानना पड़ेगा, एक क्षण के लिए भी छोड़ने का मन नहीं हुआ। नैना एक जानी- मानी टीवी एंकर की कहानी है जिसका बेरहमी से कत्ल हो जाता है। इसके बाद कुछ कहानी फ्लैशबैक में है, और शेष वर्तमान में कत्ल की जांच- पड़ताल करते इंस्पेक्टर समर प्रताप सिंह के नज़रिए से। वह किस प्रकार केस की तहकीकात करता है, और कैसे अन्ततः खूनी तक पहुंचता है, इसकी यात्रा बेहद रोमांचक है। पूरी तरह से पैसा- वसूल उपन्यास। इसे पढ़ कर मैंने हिंदी भाषा में लिखी गयी और अधिक किताबें पढ़ने का निश्चय किया है।
August 12, 2020
ठीक ठाक
बस काम चल जाए.....काफी झोल हैं पर ठीक है. पन्ने कुछ कम किए जा सकते थे औऱ थ्रिल तो पूरा गायब ही है. प्रयास अच्छा है पर नैना के किरदार को ज्यादा जगह दे कर फ़ालतू वक़्त जाया हुआ है..
बस काम चल जाए.....काफी झोल हैं पर ठीक है. पन्ने कुछ कम किए जा सकते थे औऱ थ्रिल तो पूरा गायब ही है. प्रयास अच्छा है पर नैना के किरदार को ज्यादा जगह दे कर फ़ालतू वक़्त जाया हुआ है..
November 20, 2020
Humans behaviour described well by Sanjeev in Naina...you like it
Good book for reading and see the emotional support required by a human...well described by Mr Paliwal... keep it writing
Good book for reading and see the emotional support required by a human...well described by Mr Paliwal... keep it writing
October 30, 2021
The story could be as short as 100 pages, but the writer repeated it again and again and again around the same three characters, which made it unbearable. A sentence said by husband of the victim - 'य़ह सवाल आप पहले भी पूछ चुके हैं' describes the emotion of readers exactly.
January 25, 2021
कहानी अच्छी है,किरदारों का इस्तेमाल, सब कुछ बढ़िया है।
बीच में समझ आ जाता है कि कहानी का अंत क्या होगा।
बाकी कहानी बेहतर है।
बीच में समझ आ जाता है कि कहानी का अंत क्या होगा।
बाकी कहानी बेहतर है।
July 11, 2025
Gripping!
July 16, 2021
And the best part is..the last page. It made me love the whole book, the book that was giving me cringes in midway.
The decision to finish it, no matter what, was worth jt.
The decision to finish it, no matter what, was worth jt.
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