दारेन साजवाण अपने रईस बाप की शाही आदतों में पली-बढ़ी वो इकलौती औलाद थी जिसने पहले तो बाकायदा एक जिद के तहत अपनी मर्जी से, अपनी पसंद की कमसीन लड़की से शादी की और बाद में बेलिहाज़ एक दूसरी लड़की से प्यार की पींगें भी बढ़ा ली। नतीजतन उसकी शादी में तो फच्चर पड़ा ही पड़ा लेकिन आगे जब उसने अपनी बीवी को दिए धोखे के बदले खुद धोखा खाया, तो वो बौखला उठा। इतना कि वो बदकिरदार, बदचलन, बद-अखलाक़ शख्स अपने पूर्वाभास को, अपने देजा वू को भी अनदेखा कर गया।