गगनदीप चौधरी नौसेना से जबरन रिटायर वो नौसैनिक था जिसकी ट्रैजडी ये थी कि उसकी तकदीर का उससे खास ही हेठा, एक एक्स्ट्रा स्पेशल बैर था। उसकी आवारा, खानाबदोश जिंदगी की किस्मत महज आ बैल मुझे मार ही नहीं थी, बल्कि उसकी बदकिस्मती का बैल तो उसे - पहले बाकायदा भीड़ में ट्रैस कर, आगे उम्दा निशान साधते हुए, अपने नथुने फुला, खुर रगड़ता, सींगे तानकर टक्कर मारता था।