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Bisat Par Jugnu

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बिसात पर जुगनू सदियों और सरहदों के आर-पार की कहानी है । हिंदुस्तान की पहली जंगे-आजादी के लगभग डेढ़ दशक पहले के पटना से शुरू होकर यह 2001 की दिल्ली में ख़त्म होती है । बीच में उत्तर बिहार की एक छोटी रियासत से लेकर कलकत्ता और चीन के केंटन प्रान्त तक का विस्तार समाया हुआ है । गहरे शोध और एतिहासिक अंतर्दृष्टि से भरी इस कथा में इतिहास के कई विलुप्त अध्याय और उनके वाहक चरित्र जीवंत हुए हैं । यहाँ 1857 के भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की त्रासदी है तो पहले और दूसरे अफीम युद्ध के बाद के चीनी जनजीवन का कठिन संघर्ष भी । इनके साथ-साथ चलती है, समय के मलबे में दबी पटना कलम चित्र-शैली की कहानी, जिसे ढूंढती हुई ली-ना, एक चीनी लड़की, भारत आई है । यहाँ फिरंगियों के अत्याचार से लड़ते दोनों मुल्कों के दुखो की दास्तान एक-सी है और

312 pages, Kindle Edition

Published January 1, 2020

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Vandana Rag

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