आँखों में नींद नही डॉक्टर बनने के हज़ारों सपने थे। रात-दिन बस एक ही धुन थी कि ख़ुद को एक डॉक्टर बनाना है। चार साल लगातार यही सिलसिला था। लेकिन एकदम से सब बिखर गया। वही रातें अब काट खाने को दौड़तीं थीं। ये रातें समय के साथ और ज़्यादा भयावह होती चली गयीं थीं। वो डॉक्टर बनने का सपना, सपना नही एक भयावह स्वप्न बन चुका था। -- युवा हिन्दी लेखक माला मोदी राजस्थान के जोधपुर संभाग में आने वाले गाँव भावनगर के निवासी हैं। फ़िलहाल हिमाचल प्रदेश कृषि विश्विद्यालय से एग्रीकल्चरल बायोटेक्नोलॉजी में एम.एस.सी(M.Sc) में अध्ययनरत हैं। इनके द्वारा लिखा गीत कृषि विश्विद्यालय जोधपुर का विश्विद्यालय गीत के तौर पर अपना लिया गया है। इनको बचपन से लिखने का काफ़ी शौक रहा है।
युवा हिन्दी लेखक माला मोदी राजस्थान के जोधपुर संभाग में आने वाले गाँव भावनगर के निवासी हैं। इनके द्वारा लिखा गीत कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर का विश्विद्यालय गीत के तौर पर अपना लिया गया है। इनको बचपन से लिखने का काफ़ी शौक रहा है। किताब नाइटमेयर इनका पहला उपन्यास है। नाइटमेयर एक कोचिंग लाइफ पर आधारित कहानी है। जहां मेडिकल कॉलेज में एडमिशन के लिए दिन रात मेहनत करने वालों के संघर्ष की कहानी है।
मेडिकल कॉलेज में जाना आसान नहीं होता है, किस्मत अच्छी हो तो एक साल कोचिंग करते ही मेडिकल कॉलेज के दर्शन हो जाते है। वरना लगे रहो साल दर साल। उसमे भी दो से चार साल तो मान के चलो। कहानी कुछ इसी आधार पर है, गांव से निकल कर एक लड़का शहर आता है, एक सपना लेकर, डॉक्टर बनने का। नया जोश, नई ऊर्जा के साथ कोचिंग लाइफ में घुस तो जाता है परंतु धीरे धीरे वो उस कोचिंग रफी अंधेरी दुनिया में खोता जाता है। और फिर जो सपना से कुछ बनने का देखा था अब उसी सपने से डर लगने लगता है और कब वो सपना नाइटमेयर में बदल जाता है वो भी नहीं समझ पाता है। लेकिन हां..! रात कितनी भी डरावनी क्यों न हो, सूरज की किरणों के साथ एक मनमोहक सुबह का आगाज़ तो होगा ही। उसी सूरज की किरणों के आगमन की कहानी जरूर पड़े, नाइटमेयर के साथ।
"The Novel Nightmare" Is written by mala modi who is yong and energing writer . The nightmare all about an untold story of a student who a dream want a doctor in future... Excellent story... Best wishes