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Abra Kya Chiz Hai? Hawa Kya Hai?
कृष्ण बलदेव वैद की डायरियों की जो पुस्तकें इससे पहले प्रकाशित हुई हैं उन्हें अपनी बेबाकी, लेखक के निर्मम आत्मालोचन, व्यक्तियों और घटनाओं पर तात्कालिक प्रतिक्रियाओं, अनेक देशी-विदेशी लेखकों और कृतियों के आस्वादन और प्रासंगिक आकलन के लिए याद किया जाता है। उनका अनौपचारिक गद्य, फिर भी, एक बड़े लेखक का गद्य है और ये डायरियाँ अपने समय-समाज-साहित्य आदि को देखने, गुनने का एक लेखकीय उपक्रम। उसके वितान में मित्र, लेखक, कलाकार आदि सब आते हैं और उसमें आपबीती रोचक ढंग से परबीती बनती जान पड़ती है।
288 pages, Kindle Edition
Published January 1, 2020
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Community Reviews
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July 17, 2024
एक बेहद ईमानदार लेखक की पर्सनल डायरी जो उनके नज़दीक आते अंत की द्योतक है. यूँ तो किसी की पर्सनल डायरी कभी नहीं पढ़ना चाहिए लेकिन यदि वो डायरी वैद जी की हो तो मना नहीं करना चाहिए.
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