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लालच जमीन का: Lalach Zameen Ka
महान रूसी दार्शनिक एवं लेखक लियो टॉल्सटॉय की अमर कृति "मनोंगो ली चेलोवेकु जेमली नुझलो" का भारतीय परिवेश में रोचक हिंदी रूपांतर है ये कहानी। इस कहानी को दुनिया की अब तक की सर्वश्रेष्ठ कहानियों में से एक माना जाता है। इंसान की अधिकाधिक संपत्ति, आवश्यकता से अधिक जमीन हड़पने की लिप्सा की रोचक कहानी को हमने भारतीय परिवेश से जोड़ने का प्रयत्न किया है। अधिक नहीं, लगभग पचास वर्ष ही हुए होंगे जब कुमाऊँ के तराई के विशाल उपजाऊ मैदानों पर पंजाब और बंगाल से आये लालची रसूखदारों ने भोले भाले पहाड़ी आदिवासियों को ऐसे ऐसे प्रलोभन देकर उनकी हज़ारों एकड़ जमीनें हड़प लीं जिनका बखान करना असंभव हैं। अनेक बार तो शराब की एक बोतल पिलाकर स्टाम्प पेपरों पर अंगूठे लगवाकर जमीनें अपने नाम लिखवा लीं। आज तरा
23 pages, Kindle Edition
Published July 20, 2020
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