लेखक की कलम से...................................................... भ्रम का पुलिंदा बनाने वाले भ्रमवादी गिरोह के मुखिया ने सबसे पहले सम्यक संस्कृति के पाली भाषा में प्रयुक्त होने वाले शब्दों, जिनका भावार्थ सम्यक काल में गुणवाचक संज्ञा होता था, उन सभी गुणवाचक शब्दों को सम्यक अंत काल में व्यक्तिवाचक संज्ञा और जातिवाचक संज्ञा के रूप में प्रत्यारोपण (Implant) कर दिया है। जिसका परिणाम आज उन शब्दो का सारा स्वरूप ही बदल गया है। जैसे सम्यक काल में धर्म का अर्थ कुदरत का कानून (Law of Nature) होता था लेकिन सम्यक अंत काल में धर्म का अर्थ एक समुदाय विशेष द्वारा किया जाने वाला कर्मकाण्ड से होने लगा है। आज हर लोगों की मान्यता अनुसार धर्म का स्वरूप यही है। उसी प्रकार सम्यक काल में सभी विद्वान को बम्हन, सभी खेती करने वाले को खत्तीय, सभी गाय पालने वाले को गो पा&
Buddhists came first or Hindus. Is Sanskrit the oldest language? When was Sanskrit Inscription first found? Discover these with archaeological evidence.