आज भारत में अधिकांश लोगों के अन्दर बौद्ध संस्कृति और वैदिक संस्कृति पर काफी मतभिन्नता बनी हुई है। इन दोनों संस्कृतियों पर अधिकांश लोगों के मन में प्रश्न पैदा होता है कि दोनों में पहले कौन स्थापित हुई? आज इस मतभिन्नता के दो कारण आज स्पष्ट रूप से दिखते हैं। पहला, आज के प्रायः लेखकों द्वारा उत्खनन से प्राप्त साक्ष्यों का निर्विकार अवलोकन की कमी और दूसरा बौद्ध धर्म एवं वैदिक धर्म में जो धर्म धातु है उस धर्म की सही विवेचना और समुचित शाब्दिक अर्थों का अभाव। आइए, आप सबों को उत्खनन से प्राप्त सभी साक्ष्यों के आधार पर बौद्ध संस्कृति में वैदिक संस्कृति के घालमेल पर अवलोकन करते हैं। प्रथमतः गुप्त काल, ईस्वी सन् से पूर्व मौर्य काल एवं सिन्धु काल या पूर्व सिन्धु काल के जो भी साक्ष्य प्राप्त ह