पिछले करीब डेढ़ दशक से प्रतियोगी परीक्षाओं में हिन्दी साहित्य का विषय क्रमशः लोकप्रिय होता जा रहा है। इसकी लोकप्रियता का मूल कारण है-इसमें अच्छे अंकों का प्राप्त होना। लेकिन साहित्य एक ऐसा विषय है, जिसके लिए सम्पूर्ण, स्तरीय सामग्री किसी एक पुस्तक में प्राप्त नहीं होती। यह बात हिन्दी भाषा के इतिहास के सम्बन्ध में और भी अधिक सच है। प्रस्तुत पुस्तक 'हिन्दी भाषा : अतीत से आज तक' में इसी कमी को पूरा करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है। इस पुस्तक की विषय वस्तु एवं शैली को देखते हा यह कहा जा सकता है कि यह एक सक्षम एवं अनुभवी विद्यार्थी द्वारा विद्यार्थियों की दृष्टि से लिखी गयी पुस्तक है। इसका पाठ्यक्रम पूरी तरह। सिविल सेवा परीक्षा का पाठ्यक्रम है। पिछले 15 सालों में पूछे गये प्रश्नों का गम्भीरता से विश्लेषण करने के बाद ही विषयवस्तु के वर्णन की पद्धति तैयार की गयी है। इसकी सामग्री इस तरह प्रस्तुत की गयी है ताकि विद्यार्थी अपने विषय को आसानी से समझ सकें, और उन्हें याद रख सकें। शेष आप स्वयं इस पुस्तक को पढ़ने के बाद जान सकेंगे।