“यह तो ठीक है, लेकिन तुम जानते हो कि मैं एक अंधविश्वासी व्यक्ति हूँ । संभव है, भविष्य की सौदेबाजी तक जिंदा ही न रहूँ ।”
“क्या बात है ? तुम साफ-साफ क्यों नहीं कहते !”
“तुम मेरी एंजिला को तो जानते ही हो वह सितारों पर यकीन रखती है । उसका हर काम सितारों के हिसाब से होता है । वह हर समय यह कहती है कि सितारों की चाल यों है और यह इस तरह होना चाहिए । वह सबकुछ करती रहती है और मैं खामोश देखता रहता हूँ । उसकी बातों को खामोशी से सुन लेता हूँ, लेकिन मुझे याद है उसने तुम्हारे बारे में एक भविष्यवाणी की थी ।”
“शादी के सिलसिले में ?”
“हाँ ! और वह दुरुस्त निकली थी । हालाँकि हम दोनों ने ही इस भविष्यवाणी को शुरू में कोई अहमियत नहीं दी थी ।”
“हाँ, तुम ठीक कहते हो ।” डमोनी सोच में पड़ गया ।
“फिर उसने तुम्हारी बीवी की मौत के बारे में भी कुछ कहा था, जो अक्षर-अक्षर सच साबित हुआ । उसने कारोबार के संबंध में जो बात कही, वह भी पूरी हुई ।” “क्या उसने कोई खास बात कह दी है ।”
“हाँ, लेकिन इस बार उसकी भविष्यवाणी बेहद खतरनाक है ।”
डमोनी ने शीघ्रता से उसके कंधों को अपने हाथों की गिरफ्त में ले लिया । पहले तो उसकी उंगलियों का दबाव अधिक सख्त रहा, लेकिन जल्दी ही वह खुद पर काबू पाने में सफल हो गया और साथ ही उसकी उंगलियों की गिरफ्त भी ढीली पड़ गई ।
“वह खौफनाक भविष्यवाणी क्या है स्कोबी ?” डमोनी ने चिंतातुर स्वर में सरगोशी की ।
“उसका कहना है कि तुम देवताओं के खिलाफ जा रहे हो ।”
“क्या मतलब ?” डमोनी चौंक पड़ा ।
“तबाही के देवता के खिलाफ ।” स्कोबी बड़बड़ाया ।
इस बात पर डमोनी एक बेसाख्ता कहकहे को न रोक सका । लेकिन जल्दी ही उसे एहसास हो गया कि उसने स्कोबी से वायदा किया था कि वह उसकी बात पर हँसेगा नहीं । उसने तुरंत ही खुद पर काबू पा लिया ।
“संभव है, यह कोई खौफनाक ख्वाब हो । लेकिन डमोनी, वचन दो कि तुम सावधान रहोगे ।”
डमोनी ने उसे किसी तरह संतुष्ट किया और स्कोबी का हाथ थामकर दरवाजे की तरफ़ बढ़ गया । उस रात डमोनी देर तक न सो सका । अगरचे वह इस बात को एंजिला का एक ख्वाब ही समझ रहा था, पर न जाने क्यों उसका दिल इसे सिर्फ ख्वाब समझने पर आमादा नहीं हुआ । वह हैरान था कि आखिर वह किस देवता के खिलाफ क्या कर रहा है ? फिर तबाही के देवता से उसका क्या संबंध हो सकता है !
विनाश आसमानी बिजली की तरह उनकी गिरफ्त से बचने के लिए इधर-उधर जिस्म उछाल रहा था । ऐकाई वर्तमान में विकसित हुई एक पौराणिक कला है, जिसके अंतर्गत गिरोह की शक्ल में हमलावर होने वालों से बचाव की तकनीक हमेशा आश्चर्यजनक और सफल साबित होती है । यह ऐकाई का फन है । विनाश इस समय अपने बूढ़े उस्ताद शाईतैन से सीखे हुए फन का प्रदर्शन कर रहा था । यही वजह थी कि उन सबके हाथ हवा में लहरा रहे थे, लेकिन वह अब तक विनाश को छूने में भी सफल न हुए थे । ऐकाई जहाँ बचाव में अमर है वहाँ हमले में भी बेमिसाल है । विनाश ने जैसे ही उनके घेरे से छुटकारा प्राप्त किया, वह तुरंत ही आक्रमण पर उतर आया । एक की खोपड़ी चटख गई । दूसरे और तीसरे ने एक साथ दाएँ-बाएँ से हमला किया । दायीं कुहनी चली गई और फिर बायीं कुहनी ने अपने प्रतिद्वंदी पर चोट लगाई । यह चोटें बड़ी घातक थीं । दोनों की हड्डियाँ टूट गई और वह किसी पर कटे परिंदे की तरह फड़फड़ाते हुए ढेर हो गए ।